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आज हो सकती है मट्टू मामले में सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली विश्वविद्यालय की छात्रा प्रियदर्शिनी मट्टू के बलात्कार और हत्या के मामले में सोमवार को दिल्ली उच्च न्यायालय अपना फ़ैसला सुना सकता है. इससे पहले 17 अक्टूबर को इस मामले में सुनाया जाना था जिसे बाद में 30 अक्टूबर तक के लिए टाल दिया गया था. दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस मामले में मुख्य अभियुक्त संतोष सिंह को हत्या और बलात्कार दोनों आरोपों में दोषी पाया था. इससे पहले केंद्रीय जाँच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय से माँग की थी कि मुख्य अभियुक्त को मृत्युदंड दिया जाए. प्रियदर्शिनी मट्टू की वर्ष 1996 में बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई थी. उस समय प्रियदर्शिनी की उम्र 23 वर्ष थी. हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त संतोष कुमार सिंह को 1999 में सबूतों के अभाव में निचली अदालत ने बरी कर दिया था. संतोष कुमार सिंह एक वकील हैं और भारतीय पुलिस सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी के पुत्र हैं. छह साल बाद मामले में अपील की सुनवाई दिल्ली उच्च न्यायालय में शुरु हुई और सप्ताह में तीन दिन सुनवाई के आदेश दिए गए. ग़ौरतलब है कि इस बारे में मीडिया और प्रियदर्शिनी मट्टू के लिए न्याय की माँग करने वाले अनेक लोगों ने एक अभियान चलाया और दबाव भी बनाया था. | इससे जुड़ी ख़बरें मट्टू मामले में आज फ़ैसले की संभावना17 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस परिवारजनों ने 'न्याय की जीत बताया'17 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस असली जीत अब भी है बहुत दूर17 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस मट्टू मामले में मृत्युदंड की माँग07 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस मनु शर्मा, सात अन्य को ज़मानत मिली18 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस सभी नौ अभियुक्तों के ख़िलाफ़ वारंट22 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस जेसिका हत्याकांड की नए सिरे से जाँच06 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस जेसिका मामले में पुलिस को नोटिस24 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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