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संसद में उठा सीपीएम-आरएसएस मामला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ- भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच रविवार को हुई हिंसक झड़पों की गूंज सोमवार को संसद में भी सुनी गई. दोनों पार्टियों के नेता एक–दूसरे पर हिंसा शुरू करने का आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे. इस वजह से सोमवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. वाम दलों और कांग्रेस ने मिल कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर रविवार को हुई हिंसा के लिए निशाना साधा. भाजपा का कहना था कि जब पार्टी के समर्थक केरल में अपने कार्यकर्ताओं की हत्या के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, तब वामदलों के कार्यकर्ताओं ने हिंसा की शुरूआत की. संसद में वाद-विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा था. तब लोकसभा के अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने 50 मिनट के लिए संसद की कार्यवाही को स्थगित कर दिया. झड़पों की घटना रविवार को सीपीएम मुख्यालय के ठीक सामने हुई थी. उस समय पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक चल रही थी. घटना की पृष्ठभूमि
घटना के बाद सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने बताया था कि घायलों ने सीपीएम कार्यालय पर हुए हमले के संदर्भ में प्राथमिकी दर्ज कराई है और इसमें कुछ भाजपा नेताओं को नामजद भी किया गया है. उन्होंने बताया कि भाजपा के पूर्व मंत्री जगदीश मुखी और वर्तमान में दिल्ली की मेयर आरती मेहरा भी इसमें शामिल थीं और उन्हें प्राथमिकी में नामजद किया गया है. इस घटना की जड़ें केरल में हैं जहाँ पिछले कई दिनों से आरएसएस और सीपीएम के बीच हिंसा में कई लोग मारे जा चुके हैं. आरएसएस कार्यकर्ता इसी के विरोध में सीपीएम मुख्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे थे. उनका कहना था कि वो केरल में अपने पांच कार्यकर्ताओं की हत्या के खिलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं. तभी दोनों तरफ़ से पत्थरबाज़ी होने लगी और कार्यकर्ता आपस में उलझ गए.पत्थरबाजी में सीपीएम नेता सीताराम येचुरी समेत कई नेताओं की गाड़ियों के शीशे टूट गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें झड़प के बाद कुछ भाजपा नेता नामजद09 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस भोपाल में सिंधी युवतियों पर पाबंदियाँ13 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस वामपंथ के समक्ष अवसर और चुनौतियाँ30 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस मुख्यधारा और वामपंथियों के सरोकार25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस अधिवेशन और भाजपा में असमंजस!30 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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