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झड़प के बाद कुछ भाजपा नेता नामजद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) के कार्यालय पर सीपीएम और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस)- भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच हिंसक झड़पें हुई हैं जिनमें सीपीएम के कुछ नेताओं समेत आठ लोग घायल हुए हैं. ये घटना रविवार को सीपीएम मुख्यालय के ठीक सामने हुई. उस समय पार्टी की केंद्रीय समिति की बैठक चल रही थी. घटना के बाद सीपीएम नेता सीताराम येचुरी ने बताया कि घायलों ने सीपीएम कार्यालय पर हुए हमले के संदर्भ में प्राथमिकी दर्ज कराई है और इसमें कुछ भाजपा नेताओं को नामजद भी किया गया है. उन्होंने बताया कि भाजपा के पूर्व मंत्री जगदीश मुखी और वर्तमान में दिल्ली की मेयर आरती मेहरा भी इसमें शामिल थीं और उन्हें प्राथमिकी में नामजद किया गया है. कांग्रेस सहित अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने सीपीएम कार्यालय पर हुए इस हमले की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है. उधर भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस ने इस घटना के लिए सीपीएम कार्यकर्ताओं को ज़िम्मेदार ठहराया और कहा कि उनकी ओर से शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर सीपीएम कार्यकर्ताओं की ओर से हमला किया गया. घटना की वजहें इस घटना की जड़ें केरल में हैं जहाँ पिछले कई दिनों से आरएसएस और सीपीएम के बीच हिंसा में कई लोग मारे जा चुके हैं. आरएसएस कार्यकर्ता इसी के विरोध में सीपीएम मुख्यालय के सामने धरना प्रदर्शन कर रहे थे. उनका कहना था कि वो केरल में अपने पांच कार्यकर्ताओं की हत्या के खिलाफ़ आवाज़ उठा रहे हैं. तभी दोनों तरफ़ से पत्थरबाज़ी होने लगी और कार्यकर्ता आपस में उलझ गए. घायल होने वालों में चार सीपीएम के कार्यकर्ता हैं जबकि चार पुलिस वाले भी इस झड़प में घायल हुए हैं. पत्थरबाजी में सीपीएम नेता सीताराम येचुरी समेत कई नेताओं की गाड़ियों के शीशे टूट गए. राममनोहर लोहिया अस्पताल के डॉक्टर नीतीश कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि उनके पास इलाज के लिए आठ लोग पहुंचे. आरोप-प्रत्यारोप
आरएसएस के राम माधव का कहना है कि "गोलमार्केट इलाके पर उसके कार्यकर्ता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और इस झड़प से उनका कोई लेना-देना नहीं है." वहीं, सीपीएम के सांसद मोहम्मद सलीम का कहना है "आरएसएस कार्यकर्ताओं ने ये हमला जानबूझकर किया है. इस हमले में हमारे कई कार्यकर्ता घायल हुए हैं." मोहम्मद सलीम ने कहा कि उनके मुख्यालय पर सीपीएम की केंद्रीय समिति की बैठक चल रही थी तभी आरएसएस कार्यकर्ताओं ने दफ्तर पर हमला कर दिया. हमले में केंद्रीय समिति के कई सदस्य घायल हो गए हैं. आरएसएस का कहना है कि केरल में हुई हत्याओं के लिए वहां की सीपीएम सरकार ज़िम्मेदार है और इसी का विरोध करने के लिए वो वहां जमा थे. आरएसएस से जुड़े राम माधव का कहना है कि संघ के बढ़ते जनाधार से केरल की सीपीएम सरकार परेशान है और इसलिए वहां पर वो उसके कार्यकर्ताओं पर हमले करवा रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में मधेशियों से बातचीत नाकाम27 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस मुख्यधारा और वामपंथियों के सरोकार25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस महाराष्ट्र में अर्धसैनिक बल भेजे गए12 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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