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कृष्णा का राज्यपाल पद से इस्तीफ़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
कर्नाटक विधानसभा के आगामी चुनावों को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एसएम कृष्णा ने महाराष्ट्र के राज्यपाल पद से इस्तीफ़ा दे दिया है. तीन साल से अधिक समय तक राज्यपाल पद पर रहने के बाद एसएम कृष्णा ने राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से मुलाक़ात की और गुरुवार को उन्हें अपना इस्तीफ़ा सौंप दिया. उन्होंने ये क़दम अपनी पार्टी के निर्देश पर उठाया है. वो पिछले काफ़ी दिनों से ये पद छोड़ने के इच्छुक थे. वो कर्नाटक के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. हालांकि कांग्रेस ने राज्य में उनकी नई ज़िम्मेदारी के बारे में कुछ नहीं कहा है. इसके पहले एसएम कृष्णा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाक़ात की थी जिसके बाद उनकी वापसी की रास्ता साफ़ हुआ. लेकिन उनकी वापसी को लेकर कांग्रेस में तीखी प्रतिक्रिया हुई है. विरोधी गुट के नेता सीके जाफ़र शरीफ़ ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनावों में एसएम कृष्णा के नेतृत्व में ही कांग्रेस की सीटें 170 से घटकर 65 रह गईं थीं. उनसे पत्रकारों के पूछे जाने पर कि पार्टी चुनाव में उन्हें किस प्रकार नेतृत्व सौंप सकती है, जबकि पिछले चुनाव में पार्टी के ख़राब प्रदर्शन के लिए उन्हें दोषी माना जाता है, कृष्णा का कहना था कि आपको याद नहीं कि 1999 में उन्होंने ही पार्टी को जीत दिलाई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें चुनाव आयोग का कर्नाटक दौरा09 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस समर्थन वापसी को चुनौती देगी भाजपा02 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक में राष्ट्रपति शासन को मंज़ूरी20 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस कर्नाटक को लेकर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ी01 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस वाजपेयी बनाम कृष्णा है कर्नाटक में24 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस इस्तीफ़ा नहीं दूँगा : कृष्णा | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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