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इस्लाम आधारित फ़िल्म पर नैटो चिंतित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नैटो के महासचिव का कहना है कि उन्हें डर है कि इस्लाम की आलोचना करने वाली नीदरलैंड की फ़िल्म के प्रसारण का असर अफ़ग़ानिस्तान में सेना पर न पड़े. जाप डी हू शेफ़र की यह टिप्पणी रविवार को तब सामने आई जब नीदरलैंड के सांसद गीर्ट विल्डर्स की बनाई इस फ़िल्म के विरोध में अफ़गान लोगों ने प्रदर्शन किया. नीदरलैंड सरकार ने गीर्ट विल्डर्स को चेतावनी दी है कि यह फ़िल्म देश को राजनीतिक और आर्थिक रूप से नुकसान पहुँचा सकती है. विल्डर्स ने कहा है कि ये फ़िल्म इस्लाम के पवित्र ग्रंथ क़ुरान के बारे में है. पूर्व में उन्होंने क़ुरान की तुलना तानाशाह एडोल्फ़ हिटलर की जीवनी ‘मैं काफ़’ से करते हुए इसे प्रतिबंधित करने की अपील भी की थी. सड़कों पर उतरे नागरिक ईरान और पाकिस्तान समेत कई मुस्लिम देशों ने पहले ही इस फ़िल्म की निंदा की है. नैटो के महासचिव ने कहा कि इस फ़िल्म के विरोध के बाद वे अफ़ग़ानिस्तान में तैनात अपनी सेना के बारे में चिंतित हैं. उन्होंने एक टेलीविज़न चैनल को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "मैं इसलिए चिंतित हूँ कि कहीं सेना को इस फ़िल्म की वजह से कोई ख़तरा महसूस न हो."
इस फ़िल्म के विरोध में रविवार को उत्तरी शहर मज़ार-ए-शरीफ़ में सैकड़ों अफ़गान नागरिक सड़कों पर उतर आए. सेना को हटाने की माँग प्रदर्शनकारियों ने नीदरलैंड के झंड़ों को जला दिया और नैटो की ओर से वहाँ तैनात नीदरलैंड की सेना को हटाने की माँग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अगर अफ़ग़ान सरकार ने सेना को नहीं हटाया तो वे अपने विरोध को और बढ़ा देंगे. विरोधकर्ताओं ने कुछ डेनमार्क के अख़बारों में छपी पैग़म्बर मोहम्मद के रेखाचित्रों को पिछले दिनों दोबारा प्रकाशित करने की भी निंदा की. एक प्रदर्शनकारी मौलवी अब्दुल हादी ने समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस से कहा, "हम नहीं चाहते कि हमारी सरकार नीदरलैंड और डेनमार्क के साथ कोई भी राजनीतिक रिश्ता रखे." उन्होंने कहा, "हम डेनमार्क और नीदरलैंड की सेना को अफ़ग़ानिस्तान में नहीं रहने देना चाहते. उन्हें नैटो के सुरक्षा बलों से बाहर किया जाना चाहिए." प्रसारण विल्डर्स का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि 15 मिनटों की उनकी फ़िल्म को मार्च में नीदरलैंड में दिखाया जाएगा और फिर इसे इंटरनेट पर प्रसारित किया जाएगा.
नीदरलैंड के अधिकारियों ने उनसे कहा है कि मार दिये जाने की धमकियों की रिपोर्टों के कारण उन्हें अपनी सुरक्षा के कारण देश छोड़ना पड़ सकता है. विल्डर्स की फ़िल्म का नाम 'फ़ितना' है जिसका अरबी भाषा में अर्थ है शत्रुता. उन्होंने कहा है कि उनकी फ़िल्म दिखाती है कि कैसे हत्या, आतंक और असहिष्णुता के लिए 'क़ुरान' प्रेरणा बना हुआ है. विल्डर्स नीदरलैंड की संसद में नौ सीटों वाली फ़्रीडम पार्टी का नेतृत्व करते हैं. उन्हें 2004 में तब से पुलिस सुरक्षा मिली हुई है जब से कट्टरपंथी इस्लामी ताकतों ने नीदरलैंड के निर्देशक वैन गॉफ़ की हत्या कर दी थी. वैन गॉफ़ की फ़िल्म 'सबमिशन' में महिला के नग्न शरीर दिखाने के साथ कुरान की कुछ आयतें पढ़ी गई हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पैगंबर के कार्टून फिर छापे गए13 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना कार्टून का बदला वेबसाइटों से 09 फ़रवरी, 2006 | विज्ञान डेनमार्क ने कुछ इमामों से रिश्ता तोड़ा09 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना कार्टून के ख़िलाफ़ प्रदर्शन में छह लोग मारे गए06 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना सीरिया में डेनमार्क-नॉर्वे के दूतावास को जलाया04 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना 'सीरिया ने अंतरराष्ट्रीय दायित्व नहीं निभाया'04 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना चित्रों के बारे में इस्लाम की राय03 फ़रवरी, 2006 | पहला पन्ना कार्टून का असर खाड़ी में बिक्री पर31 जनवरी, 2006 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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