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तालेबान से लड़ रहे हैं प्रिंस हैरी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
ब्रिटेन के रक्षामंत्रालय ने इस बात की पुष्टि की है कि ब्रितानी राजकुमार हैरी अफ़ग़ानिस्तान में तालेबान से लड़ रहे हैं. वे हेलमंद प्रांत में वहाँ दस हफ़्तों से हैं. प्रिंस चार्ल्स और राजकुमारी डायना के छोटे बेटे 23 वर्षीय प्रिंस हैरी राजघराने के उत्तराधिकारी हैं. उन्होंने अपने प्रचलित नाम के बारे में मज़ाक करते हुए कहा, "मुझे बुलेट मैग्नेट यानी गोलियों का चुंबक कहा जाता है लेकिन आख़िरकार मुझे सैनिक की तरह काम करने का मौक़ा मिल गया है जो मैं हमेशा करना चाहता था." अफ़ग़ानिस्तान में उनकी तैनाती की ख़बरों को रणनीति के तहत दबाकर रखा गया था लेकिन विदेशी मीडिया ने इसे उजागर कर दिया. ब्रितानी सेना के प्रमुख सर रिचर्ड डनाट ने कहा कि इस ख़बर के लीक हो जाने से उन्हें निराशा हुई है. एक बयान में उन्होंने कहा, "मैं इस बात से बेहद निराश हूँ कि एक विदेश वेबसाइट ने इस ख़बर को हमसे चर्चा किए बिना प्रकाशित कर दिया." उन्होंने कहा है, "यह ब्रितानी प्रिंट और ब्रॉडकास्ट मीडिया के ज़िम्मेदारी भरे रवैये के ठीक विपरीत है, जिसे हमने प्रिंस हैरी की तैनाती की ख़बर के बारे में सहमत कर लिया था." ब्रितानी प्रधानमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा है कि प्रिंस हैरी 'एक आदर्श सैनिक' रहे हैं. उन्होंने कहा, "वे जो विशिष्ट सेवाएँ दे रहे हैं उस पर पूरे ब्रिटेन को गर्व होगा." उन्होंने प्रिंस और पूरी ब्रितानी सेना की योगदान के लिए उनके प्रति धन्यवाद भी ज्ञापित किया है. सामान्य सैनिकों की तरह प्रिंस हैरी क्रिसमस के दिन तालेबानों के एक पूर्व मदरसे में बिताया था, वे कैंप के बिस्तर पर ही सोए. हेलमंद प्रांत में दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने सैनिक की तरह अपने अनुभवों की बात की. उन्होंने कहा, "मैं चार दिनों तक नहाया नहीं था और मैंने अपने कपड़े एक हफ़्ते तक नहीं धोए थे." "एका बार एक सामान्य व्यक्ति हो जाना अच्छा लगा. मैं समझता हूँ कि यह वैसा ही था जैसा कि मैं होना चाहता हूँ." उन्होंने कहा, "मैं इस बात को लेकर बेहद सचेत था कि मैं अपना चेहरा ज़्यादा न दिखाऊँ...लेकिन सौभाग्य से यहाँ कोई सामान्य नागरिक हैं ही नहीं...यह तो नो मैन्य लैंड जैसा है." "लेकिन मैं सोचता हूँ कि यदि मैं उत्तरी अफ़ग़ानिस्तान में होता और यदि स्थानीय लोगों के बीच गश्त पर जाता तो मुझे अपना चेहरा थोड़ा ढँककर रखना होता क्योंकि यदि मुझे पहचान लिया जाता तो मैं दूसरे लोगों को ख़तरे में डाल देता." प्रिंस हैरी ने कहा, "गुरखा लोगों को लगता है कि यह पागलपन है कि लोग मुझे गोलियों का चुंबक कहते हैं लेकिन इसका मतलब उन्हें देखना बचा है." अफ़ग़ानिस्तान में प्रिंस की तैनाती पिछले साल इराक़ में उनकी तैनाती रद्द होने के बाद की गई थी क्योंकि वहाँ उन्हें भेजने में ख़तरा था. | इससे जुड़ी ख़बरें इराक़ नहीं जाएँगे प्रिंस हैरी17 मई, 2007 | पहला पन्ना 'नाज़ी पोशाक' पर प्रिंस हैरी ने माफ़ी मांगी13 जनवरी, 2005 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान में संकट नहीं: नैटो08 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना 'अफ़ग़ानिस्तान के कारण नैटो पर ख़तरा'07 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना पश्चिम के साथ तनाव नहीं: करज़ई07 फ़रवरी, 2008 | पहला पन्ना अफ़ग़ानिस्तान को 'अतिरिक्त सहायता'26 जनवरी, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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