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नेपाल में ईंधन की घोर क़िल्लत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
नेपाल में भारत से सटे इलाक़ों में मधेशी समुदाय के आंदोलन के कारण ईंधन आपूर्ति में रुकावट आ रही है. अधिकारियों ने भारत से आने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए राजमार्गों पर दिन का कर्फ़्यू लगा दिया है. इन टैंकरों के ड्राइवर डर के कारण भारत से गैस, पैट्रोल और डीज़ल लाने से इनकार कर रहे हैं. इसके कारण राजधानी काठमांडू समेत अन्य शहरों में ईंधन की घोर क़िल्लत हो गई है. दक्षिणी नेपाल का मधेशी समुदाय अपने लिए स्वायत्तता की माँग कर रहा है. उन्होंने संविधान सभा के चुनावों का बहिष्कार करने की भी धमकी दी है. नेपाल और भारत के बीच बीरगंज मुख्य प्रवेश द्वार का काम करता है. भारत से 60 प्रतिशत आयातित सामान बीरगंज से होकर ही नेपाल पहुँचता है. नेपाली तेल निगम के अध्यक्ष दिगंबर झा का कहना है, "हम एक महीने का तेल भंडार रखते हैं लेकिन अब सिर्फ़ दो दिन का स्टॉक बचा है." राजधानी काठमांडू के पैट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी जा सकती है. स्कूल प्रशासन बच्चों को वापस घर भेज रहे हैं क्योंकि वहाँ बच्चों के लिए खाना बनाने लायक गैस नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रचंड की राष्ट्रपति बनने की चाह20 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस काठमांडू में पेट्रोल की भारी कमी18 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में विस्फोट, सात की मौत18 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस उनके बाद 'दुरा' का क्या होगा!16 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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