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तीन इस्तीफ़े, गोवा सरकार संकट में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बुधवार की रात तीन मंत्रियों के इस्तीफ़ा दे देने से गोवा की कांग्रेस गठबंधन की सात माह पुरानी सरकार संकट में फँस गई है. तीनों मंत्रियों ने अपने इस्तीफ़े राज्यपाल एससी जमीर को भेज दिए हैं. कांग्रेस ने कहा है कि सरकार पर कोई ख़तरा नहीं है और संकट का हल जल्दी ढूँढ़ लिया जाएगा. केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी मामले को सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं. कहा जा रहा है कि कुछ विधायक भी इन मंत्रियों के साथ विद्रोह पर उतर आए हैं और वे गुरुवार को गोवा एप्रोप्रिएशन बिल 2008 में सरकार के ख़िलाफ़ मतदान करने जा रहे हैं. यदि यह बिल पारित नहीं होता है तो दिगंबर कामथ सरकार गिर जाएगी. इस समय 40 सदस्यों वाली विधानसभा में गठबंधन सरकार के पास 23 सदस्य हैं. इनमें से 16 कांग्रेस के हैं, तीन एनसीपी के, दो सेव गोवा फ़्रंट के और दो निर्दलीय हैं. यूनाइटेड गोवन्स डेमोक्रेटिक पार्टी के एक विधायक मुद्दों के आधार पर सरकार को समर्थन दे रहे हैं. इस्तीफ़ा देने वाले तीन मंत्रियों में से दो मिकी पाथेको और जॉयस फ़िलिप राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सदस्य हैं जबकि तीसरे मंत्री विश्वजीत राणे निर्दलीय हैं. बताया जा रहा है कि ये तीनों मंत्री और नाराज़ विधायक सरकार की कुछ नीतियों का विरोध कर रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें जमीर के काफ़िले पर हमला24 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस गोवा में कामथ सरकार की परीक्षा30 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस गोवा सरकार ने बहुमत सिद्ध किया30 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस दिगंबर कामत बने गोवा के मुख्यमंत्री08 जून, 2007 | भारत और पड़ोस गोवा में कांग्रेस-एनसीपी की सरकार05 जून, 2007 | भारत और पड़ोस कसीनो कैपिटल बनता जा रहा है गोवा?13 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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