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शेख हसीना पर जबरन वसूली का आरोप | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके दो रिश्तेदारों पर अदालत ने जबरन वसूली करने का आरोप लगाया है. शेख हसीना ने इससे इनकार किया है. अदालत से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि मुकदमा इस महीने शुरू हो जाएगा. शेख हसीना पर आरोप लगाया है कि जब वे 1996-2001 के बीच प्रधानमंत्री थी तो उन्होंने एक व्यापारी से करीब 44 करोड़ डॉलर की जबरन वसूली की थी. ये भी कहा गया है कि शेख हसीना ने व्यापारी को धमकी दी थी कि पैसा न देने पर उनका पावर प्रोजेक्ट रद्द कर दिया जाएगा. आरोप शेख हसीना की बहन शेख रेहाना और उनके रिश्तेदार शेख सलीम सलीम के ख़िलाफ़ भी आरोप लगाए गए हैं. शेख हसीना ने हाल ही में कहा था कि बांग्लादेश में सैन्य समर्थित सरकार उन्हें मामले में फँसाना चाहती है ताकि उन्हें संसदीय चुनाव में खड़ा होने से रोका जा सके. उन्होंने देश में छह महीने के अंदर चुनाव करवाने की भी माँग की थी. आवामी लीग की नेता शेख हसीना पर हत्या जैसे कई अन्य मामले चल रहे हैं. उन्हें जुलाई में पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया था. पिछले साल अप्रैल में बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने शेख़ हसीना के स्वदेश लौटने पर रोक लगा दी थी. इस कारण वे दो सप्ताह तक लंदन में रुकी रहीं थीं. लेकिन बाद में अंतरराष्ट्रीय दबाव के आगे झुकते हुए अंतरिम सरकार ने उन्हें स्वदेश लौटने दिया. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेश में ख़ालिदा ज़िया गिरफ़्तार03 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस शेख हसीना पर रिश्वत का मामला दर्ज02 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस शेख़ हसीना स्वदेश वापस लौटीं07 मई, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में प्रतिबंध हटाने का स्वागत25 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस शेख हसीना के ख़िलाफ़ वारंट पर रोक23 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम11 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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