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पाँच राज्यों को परिसीमन से छूट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत सरकार ने कहा है कि आगामी लोकसभा चुनाव नए परिसीमन यानी संसदीय क्षेत्रों के दायरे में फ़ेरबदल करने के बाद कराए जाएंगे लेकिन पाँच राज्यों को इससे छूट रहेगी. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गुरूवार को हुई कैबिनेट की बैठक में पूर्वोत्तर भारत के चार राज्यों असम, मणिपुर, अरूणाचल प्रदेश और नागालैंड के अलावा झारखंड राज्यों को परिसीमन से चुनाव कराने की छूट देने का फ़ैसला किया गया. केंद्र सरकार ने इन राज्यों में आदिवासी कोटा सहित आरक्षित सीटें बढ़ने की बजाय कम होने की चिंताओं के कारण यथास्थिति बरक़रार रखने के लिए अध्यादेश लाने के फ़ैसले को मंज़ूरी दी है. बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने पत्रकारों को बताया कि पूर्वोत्तर के असम, मणिपुर, अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड तथा झारखंड में सीटों को लेकर यथास्थिति बरक़रार रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि ये सभी आदिवासी बहुल राज्य हैं और परिसीमन की प्रक्रिया में ऐसा नहीं होना चाहिए कि वहां आदिवासी सीटें बढ़ने की बजाय कम हों. प्रियरंजन दासमुंशी ने आशंका ज़ाहिर की कि ऐसा होने से सामाजिक तनाव बढ़ सकता है. इसलिए मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इन राज्यों में यथास्थिति बनाए रखने का निर्णय किया गया है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में जल्द ही अध्यादेश लाया जाएगा जो इन राज्यों में आदिवासियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा. दासमुंशी ने बताया कि इस सिलसिले में सभी राजनीतिक दलों से बात की जा चुकी है और उनमें से अधिकतर सरकार के इस रुख़ से सहमत भी हैं. उन्होंने बताया कि इन पाँचों राज्यों को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में परिसीमन के अनुसार ही चुनाव होंगे, हालांकि इस बारे में अंतिम फैसला करने का कार्य चुनाव आयोग का है. दासमुंशी ने बताया कि अध्यादेश की जगह लेने के लिए संसद के आगामी बजट सत्र के पहले चरण में विधेयक पेश किया जाएगा. चुनाव विश्लेषक महेश रंगराजन का मानना है कि क्योंकि यह परिसीमन चुनाव आयोग की ओर से किया गया है इसलिए इस पर विवाद की संभावना कम ही है लेकिन उन लोगों को इससे परेशानी ज़रूर हो सकती है जिनके चुनाव क्षेत्रों पर इससे असर पड़ रहा हो. | इससे जुड़ी ख़बरें मंत्रिमंडल सीमित रखने की कोशिश11 दिसंबर, 2003 | भारत और पड़ोस 84 के दंगापीड़ितों के लिए एक और राहत29 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस न्यायिक परिषद के गठन का रास्ता साफ़09 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अल्पसंख्यक आयोग के अधिकार बढ़ेंगे02 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सीलिंग में राहत संबंधी अध्यादेश मंज़ूर15 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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