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स्कॉटलैंड यार्ड से सहयोग माँगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो की हत्या की जाँच करने के लिए ब्रिटेन की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस से सहयोग का आग्रह किया गया है. परवेज़ मुशरर्फ़ ने बुधवार को राष्ट्र के नाम एक संदेश में यह भी कहा कि बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बाद भड़की हिंसा को देखते हुए देश भर में फौज और रेंजर तैनात करने का फ़ैसला किया गया है. उन्होंने कहा कि फौज और रेंजर चुनाव के दौरान और बाद में भी उस समय तक तैनात रहेंगे जब तक कि सरकार हालात ठीक नहीं हो जाते हैं. बेनज़ीर भुट्टो की हत्या कैसे हुई इसे लेकर कई तरह के सवाल उठते आए हैं. परवेज़ मुशर्रफ़ ने कहा है कि बेनज़ीर भुट्टो की हत्या के बारे में उठे विवाद और तरह-तरह के सवालों को देखते हुए इसकी जाँच कराने का फ़ैसला गया है और जाँच में स्कॉटलैंड यार्ड से सहयोग करने का अनुरोध किया गया है. बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा है कि जाँच संयुक्त राष्ट्र से कराई जाए और जाँच इस बात की हो कि पिछले नौ वर्षों में देश में जो बर्बादी हुई है उसके लिए कौन ज़िम्मेदार है. परवेज़ मुशरर्फ़ ने घोषणा की है बेनज़ीर की हत्या के बाद हुई व्यापक हिंसा के पीछे किन लोगों का हाथ है, इसके लिए एक आयोग का भी गठन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि वे ये बर्दाशस्त नहीं करेंगे कि हथियारबंद लोग अराजकता फैलाएँ-ख़ासकर सिंध में जो बेनज़ीर भुट्टो का गृह प्रांत है.
बेनज़ीर भुट्टो के शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया था और उनकी मौत की वजह सिर से बहुत ख़ून बह जाना बताई गई थी. सरकारी बयान में कहा गया था कि बेनज़ीर भुट्टो की मौत उनकी कार की छत में लगे दरवाज़े के हैंडल से सिर टकराने से हुई थी. लेकिन पीपीपी ने कहा था कि बेनज़ीर भुट्टो की हत्या गोली मारकर की गई और इसके लिए पार्टी ने समाचार चैनलों पर दिखाए गए वीडियो का भी हवाला दिया. हत्या और राजनीति बेनज़ीर भुट्टो की 27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी में एक रैली के बाद हत्या कर दी गई थी और उसके बाद पाकिस्तान में कई जगह हिंसा हुई थी. उसी रैली में आत्मघाती विस्फोट भी हुआ था जिसमें तीस से ज़्यादा लोग मारे गए थे. उधर पाकिस्तान चुनाव आयोग ने बुधवार को घोषणा की कि वहाँ आम चुनाव टाल दिए गए हैं और अब चुनाव आठ जनवरी के स्थान पर 18 फ़रवरी को होंगे. मुशर्रफ़ ने कहा कि सिंध प्रांत में चुनाव आयोग के दफ़्तरों को इतना नुक़सान पहुँचाया गया है कि आठ जनवरी को चुनाव कराना बिल्कुल भी संभव नहीं था और चुनाव आयोग ने जो भी नई तारीख़ निर्धारित की है वो बिल्कुल सही है. पीपीपी के नेता आसिफ़ अली ज़रदारी ने चुनाव स्थगित किए जाने के फ़ैसले को तो नकार दिया है लेकिन कहा है कि उनकी पार्टी फिर भी चुनाव में हिस्सा लेगी. उन्होंने कहा कि पीपीपी पाकिस्तान की राजनीतिक हालत की जानकारी देने के लिए अपने राजनीतिक प्रतिनिधिमंडल अनेक देशों में भेजेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें पाकिस्तान में चुनाव स्थगित02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'बेनज़ीर धांधली उजागर करने वाली थीं'02 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस बेनज़ीर की हत्याः अनसुलझी गुत्थियाँ01 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस तय तारीख पर हों चुनाव:विपक्ष31 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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