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बेनज़ीर के उत्तराधिकारी बिलावल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के 19 वर्षीय बेटे बिलावल भुट्टो ज़रदारी पाकिस्तानी पीपुल्स पार्टी का नेतृत्व संभालेंगे. आसिफ़ अली ज़रदारी पार्टी के सह-अध्यक्ष होंगे. रविवार को ये घोषणा की गई. बेनज़ीर भुट्टो की एक चुनावी रैली में 27 दिसंबर को हत्या कर दी गई थी. उसके बाद से ही इस बात को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं कि पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का अगला नेता कौन होगा. नेता चुने जाने के बाद बिलावल भुट्टो ज़रदारी ने रविवार को पत्रकारों को संबोधित किया. भावुक बिलावल ने कहा, " मैं धन्यवाद देता हूँ. पार्टी संघीय एकता और स्थायित्व के मुद्दे को साथ में लेकर चलेगी.मेरी माँ कहा करती थी कि लोकतंत्र ही बदला लेने का सबसे बेहतर तरीका होता है." अपने पिता आसिफ़ अली ज़रदारी और पार्टी नेता मख़दूम फ़हीम के बीच बैठे बिलावल ने कहा कि जब वे यूनिवर्सिटी में अपनी पढ़ाई कर रहे होंगे तो उनके पिता पार्टी का कामकाज चलाएँगे. जब पत्रकारों ने बिलावल से सवाल-जवाब करना चाहा तो आसिफ़ अली ज़रदारी ने उन्हें ये कहते हुए रोक दिया कि भले ही बिलावल पार्टी के अध्यक्ष हैं लेकिन अभी उनकी उम्र कम है. रविवार को बंद कमरे में कई घंटों तक पीपीपी की बैठक चली. बैठक पीपीपी की बैठक नौडेरो में भुट्टो परिवार के घर पर हुई. बेनज़ीर भुट्टो की राजनीतिक वसीयत बिलावल ने ही पढ़ी. चुनाव में हिस्सा लेगी पीपीपी पीपीपी के वरिष्ठ नेता मख़दूम अमीन फ़हीम ने पत्रकारों को बताया, बेनज़ीर भुट्टो की राजनीतिक वसीयत में उत्तराधिकारी के रुप में आसिफ़ अली ज़रदारी का नाम लिखा गया था लेकिन आसिफ़ अली ज़रदारी चाहते हैं कि बिलावल पार्टी का नेतृत्व संभालें. फ़हीम ने कहा, "बेनज़ीर भुट्टो ने वसीयत में लिखा है कि अगर मैं न रहूँ तो फिर चेयरमैन आसिफ़ अली ज़रदारी बनें. इसका पूरे हाउस ने समर्थन किया. लेकिन फिर आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा कि वे अपने बेटे को ये ज़िम्मेदारी देना चाहते हैं. " पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी ने आठ जनवरी में होने वाले चुनाव में भी हिस्सा लेने का फ़ैसला किया है. इस बारे में आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा, "बेनज़ीर भुट्टो की यही सोच थी, इसे देखते हुए पार्टी चुनाव में हिस्सा लेगी. हम नवाज़ शरीफ़ के शुक्रगुज़ार कि उन्होंने चुनाव के बहिष्कार का फ़ैसला किया लेकिन हम उनसे अपील करते हैं कि वो हमारा साथ दें." बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी ने कहा कि उनके बच्चों के नाम के साथ अब भुट्टो उपनाम भी जोड़ा जाएगा. इस बीच बेनज़ीर की मौत कैसे इसे लेकर विवाद बरकरार है. उनके पति ने माँग की है कि इस हत्या की जाँच उसी तर्ज पर संयुक्त राष्ट्र की ओर से हो जैसी लेबनान के प्रधानमंत्री रफ़ीक़ हरीरी हत्याकांड की हुई थी. आसिफ़ अली ज़रदारी ने ये भी बताया कि बेनज़ीर भुट्टो के शव को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की माँग को उन्होंने ठुकरा दिया है. उन्होंने कहा ये अपमान होगा. बिलावल का परिचय
बिलावल भुट्टो ज़रदारी बेनज़ीर भुट्टो और आसिफ़ अली ज़रदारी के बड़े बेटे हैं. उनका जन्म पाकिस्तान के कराची शहर में सितंबर 1988 में हुआ. 90 के दशक में बेनज़ीर भुट्टो निर्वसान में चली गईं. इस दौरान बिलावल ने दुबई में स्कूली शिक्षा ली. उन्होंने 2007 में इंग्लैंड की ऑक्सफ़र्ड यूनिवर्सिटी में आगे की पढ़ाई शुरू की थी. बिलावल को राजनीति विरासत में मिली है.उनके नाना ज़ुल्फ़िकार अली भुट्टो 70 के दशक में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे और माँ बेनज़ीर भुट्टो भी दो बार प्रधानमंत्री रह चुकी हैं. वे घुड़सवारी और शिकार के शौकीन माने जाते हैं. अब तक वे मीडिया से आमतौर पर दूर ही रहे हैं. |
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