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असम में 12 मज़दूरों की हत्या | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम की पुलिस का कहना है कि उत्तरी कछार ज़िले में अलगाववादी दिमसा चरमपंथियों ने दूसरे राज्यों से आए मज़दूरों की बस्ती पर हमला करके 12 लोगों को मार डाला है. चरमपंथियों ने मज़दूरों की बस्ती में घुसकर अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं, इस गोलीबारी में कई लोग गंभीर रूप से घायल भी हो गए हैं. मुख्य चरमपंथी संगठन दिमसा हलम दाओगा (डीएचडी) से टूटकर अलग हुए गुट 'ब्लैक विडो' ने इस हमले की ज़िम्मेदारी ली है. 'ब्लैक विडो' गुट के नेता जोएल गारलोसा ने बीबीसी से कहा कि भविष्य में ऐसे और हमले होंगे. उत्तरी कछार ज़िले के पुलिस अधीक्षक पीआर कार ने बीबीसी को बताया कि 20-25 हथियारबंद हमलावरों ने मज़दूरों की बस्ती को चारों ओर से घेर लिया आधुनिक स्वचालित बंदूकों से अंधाधुंध गोलियाँ चलाईं. इस गोलीबारी में मारे गए मज़दूरों में कुछ बिहारी और कुछ बंगाली थे, ये सभी लोग एक टिंबर मिल में काम करते थे. 'ब्लैक विडो' ब्लैक विडो गुट बाहरी राज्यों से आए मज़दूरों पर लगातार हमले कर रहा है और सुरक्षा बलों से भी उनकी झड़प होती रही है. यह गुट अब से चार वर्ष पहले डीएचडी से अलग हो गया था, डीएचडी भारत सरकार के साथ बातचीत में शामिल है जबकि ब्लैक विडो गुट का कहना है कि वे अपनी सशस्त्र लड़ाई जारी रखेंगे. यह हिंसा ऐसे समय में हुई है जबकि उत्तरी कछार स्वायत्त क्षेत्र में चुनाव चल रहे हैं, पहले दौर का मतदान 26 नवंबर को हुआ था और अगले दौर का मतदान एक दिसंबर को होगा. | इससे जुड़ी ख़बरें आदिवासियों की रैली के दौरान हिंसा24 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस रैली में भड़की हिंसा में अनेक हताहत24 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस असम में विस्फोट, तीन की मौत08 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस असम में हिंदीभाषी बने फिर निशाना12 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस असम में आठ हिंदीभाषियों की हत्या08 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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