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बांग्लादेश ने फिर की मदद की गुहार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश ने चक्रवाती तूफ़ान से पीड़ित हज़ारों लोगों की मदद के लिए एक बार फिर राहत और सहायता की अपील की है. सेना के इस बयान के बाद कि देश के जो तटवर्ती इलाक़े पिछले दिनों आए भीषण तूफ़ान से प्रभावित हुए थे, उनमें से तीस प्रतिशत गाँवों तक पहुँचा नहीं जा सका है, राहत को लेकर चिंताएं बढ़ गईं है. सेना का कहना है कि तूफ़ान में मरने वालों की संख्या 3000 से ज़्यादा हो गई है जबकि हज़ारों लोग अब भी लापता हैं. विदेश मंत्रालय से जारी बयान में कहा गया है ' इस समय हम अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मदद का स्वागत करत हैं. हम जो कर सकते हैं कर रहे हैं. ' बीबीसी संवाददाता एलेस्टर लॉसन का कहना है कि कुछ इलाक़ों में अब धीरे धीरे मदद पहुंच रही है. तूफ़ान के छह दिन बाद भी प्रभावित हुए कई समुदायों का कहना है कि उन्हें मदद नहीं पहुँची है. आपदा प्रबंधन के बांग्लादेशी मंत्री तपन चौधरी ने बीबीसी को बताया कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय की ओर से 14 करोड़ डॉलर की आपात मदद की पेशकश हुई है. अमरीका ने तटीय इलाक़ों में मदद पहुँचाने के लिए दो नौसैनिक जहाज़ भेजे हैं. इन जहाज़ों में कई हेलीकॉप्टर हैं जो राहत एवं बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं. स्थिति गंभीर हालांकि पहले अधिकारियों ने कहा था कि देश के अधिकतर इलाक़ों में सहायता पहुंची है लेकिन ज़मीनी स्थिति अब भी ख़ासी गंभीर है. कई स्थानों में लोगों के पास न तो खाने के लिए भोजन है और न ही पीने के लिए साफ़ पानी. बांग्लादेश में मौजूद बीबीसी संवाददाता एलिस्टर लॉसन ने कहा है तूफ़ान से बाद से कई लोगों को खाद्य पदार्थ नहीं मिल पाए हैं और उन्होंने ग्रामीण लोगों को चावल के लिए लड़ते हुए देखा है. जीवित रहने के लिए संघर्ष कर रहे एक प्रभावित व्यक्ति ने उन्हें बताया, "हमारे पास खाने के लिए कुछ नहीं है. जो कुछ भी खाया जा सकता है, जो कुछ भी हमारे हाथ में आ रहा है, हम उसे खाकर जीवित रहने की कोशिश कर रहे हैं." बांग्लादेश में अंतरिम सरकार का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर फ़ख़रुद्दीन अहमद लाखों घर तबाह
अंतरराष्ट्रीय राहत संस्था रेड क्रॉस का कहना है कि पाँच लाख घर तबाह हो गए और कुल कोई साढ़े आठ लाख घर प्रभावित हुए हैं. मंत्री तपन चौधरी का कहना है कि बांग्लादेश को मदद की पेशकश करने वाले देशों में सऊदी अरब ने दस करोड़ डॉलर, ब्रिटेन ने 50 लाख डॉलर और अमराका ने 20 लाख डॉलर की मदद का वादा किया है. बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र के विश्व खाद्य आपूर्ति कार्यक्रम के प्रवक्ता का कहना है कि एजेंसी ने तत्काल और ख़ासी तेज़ी के साथ मदद पहुँचाने का काम किया है. तूफ़ान प्रभावित लाखों लोग अब तंबुओं, चावल और पीने के पानी जैसी मूलभूत ज़रूरतों से जूझ रहे हैं. बांग्लादेश रेड क्रीसेंट सोसायटी का कहना है कि तूफ़ान में मरने वालों की संख्या 10 हज़ार तक हो सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेशः 2300 मरे, लाखों प्रभावित18 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में तूफ़ान से सैकड़ों मारे गए17 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में आया भीषण समुद्री तूफ़ान15 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में राहत कार्य तेज़17 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में तूफ़ान से अनेक लापता23 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बंगलादेश पर मंडराता 'ख़तरा'04 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस यौनकर्मियों को नहीं मिलती दो गज़ ज़मीन12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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