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नेग्रोपॉन्टे करेंगे पाकिस्तान का दौरा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेश उपमंत्री जॉन नेग्रोपॉन्टे पाकिस्तान का दौरा करने जा रहे हैं. वे पाकिस्तानी राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ से इमरजेंसी हटाने के लिए कहेंगे. अमरीकी राष्ट्रपति के कार्यालय ने घोषणा की है कि नेग्रोपॉन्टे इस हफ़्ते के अंत में वहाँ पहुँचेंगे और कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाक़ात करेंगे. नेग्रोपॉन्टे इस समय अफ़्रीका के दौरे पर हैं. माना जा रहा है कि नेग्रोपॉन्टे जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ से निजी तौर पर वही कहेंगे जो राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सार्वजनिक रुप से कह चुके हैं, इमरजेंसी हटाने के लिए, जल्दी चुनाव करवाने के लिए और सेना प्रमुख का पद छोड़ने के लिए. लेकिन अमरीका के दूसरे सबसे बड़े राजनयिक के पाकिस्तान में होने का सीधा असर परवेज़ मुशर्रफ़ महसूस करेंगे. अमरीकी विदेश मंत्रालय ने इसका विवरण नहीं दिया है कि नेग्रोपॉन्टे किससे मिलेंगे और अभी सिर्फ़ यही कहा गया है कि वे पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों से मिलेंगे. अभी यह भी नहीं कहा गया है कि क्या वे बेनज़ीर भुट्टो से भी मिलेंगे, जो नज़रबंद हैं. अमरीका ने अब तक ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं जिससे दिखता हो कि वह पाकिस्तान से दूरी बना रहा है हालांकि उसने कहा है कि वह पाकिस्तान को दी जा रही सहायता पर विचार कर रहा है. वॉशिंगटन में बीबीसी संवाददाता जोनाथन बील का कहना है कि अमरीका के लिए जनरल मुशर्रफ़ से अपने संबंधों की सफ़ाई देना लगातार कठिन होता जा रहा है, ख़ासकर तब जबकि अपने सभी राजनीतिक विरोधियों को बंदी बनाए हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें नज़रबंद बेनज़ीर ने कहा, मुशर्रफ़ सत्ता छोड़ें13 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'सत्ता में भागीदारी पर कोई बातचीत नहीं'12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस भरोसेमंद हैं मुशर्रफ़ः बुश11 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान की राजनीतिक रस्साकशी10 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान को कॉमनवेल्थ की धमकी12 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना 'पाकिस्तान कॉमनवेल्थ में रहे या नहीं'?12 नवंबर, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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