|
'परमाणु समझौता आगे बढ़ाना चाहिए' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीकी विदेशमंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने कहा है कि भारत को परमाणु समझौते पर आगे बढ़ना चाहिए. भारत के विदेश मंत्री प्रणव मुखर्जी के साथ फ़ोन पर हुई बातचीत में राइस ने अमरीका की इच्छा से उन्हें अवगत करवाया है. कोंडोलीज़ा राइस का बयान ऐसे समय में आया है जब यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे वामदल इस समझौते को ठंडे बस्ते में डाल देने का दबाव बनाए हुए हैं. उनका कहना है कि यदि ऐसा नहीं होता है तो वे सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे. हालांकि भारत सरकार ने अब तक ऐसे कोई संकेत नहीं दिए हैं कि वह समझौते पर आगे बढ़ने की कोशिशें छोड़ रही है लेकिन प्रधानमंत्री ने अमरीकी राष्ट्रपति बुश को बता दिया है कि समझौते में दिक़्कतें आ रही हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई है कि इस समझौते पर घरेलू स्तर पर सहमति बनाने में सफलता मिलेगी. फिर से चर्चा नहीं अमरीकी विदेश मंत्री राइस ने सोमवार को भारतीय विदेश मंत्री मुखर्जी से बात की. अमरीकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता श्यान मैककर्मक ने पत्रकारों को बताया, "अमरीका इस समझौते का समर्थन करता है और वह इस पर आगे बढ़ता रहेगा."
उन्होंने कहा, "उन्होंने (राइस ने) साफ़ कर दिया है कि इस समझौते में जो भी रुकावटें हैं उसे भारतीय को सुलझाना है लेकिन भारत सरकार से हम फिर कहते हैं कि अमरीका इस समझौते पर आगे बढ़ने के पक्ष में है." मैककर्मक ने साफ़ किया कि भारत इस मसले को सुलझाने में कोई सहयोग नहीं कर सकता और यह भारत का अपना घरेलू मामला है. यह पूछे जाने पर कि क्या दोनों नेताओं के बीच समझौते पर फिर से चर्चा करने पर कोई बात हुई तो प्रवक्ता ने कहा, "इस विषय़ पर दोनों पक्षों की ओर से कोई बात नहीं हुई." अमरीकी वित्तमंत्री हेनरी पॉलसन ने भारत को 'सजीव लोकतंत्र' बताते हुए कहा है कि भारत को अपनी राजनीतिक प्रक्रिया से ही परमाणु समझौते की समस्या को सुलझाना होगा. उल्लेखनीय है कि भारत की यूपीए सरकार इस समझौते पर रुकावट को दूर करने के लिए वामपंथी दलों से बातचीत कर रही है. हालांकि कई दौरों की बैठक के बाद भी कोई फ़ैसला नहीं हो सका है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत-अमरीका परमाणु समझौते का भविष्य..?23 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'सार्थक सहमति बनाने की कोशिशें जारी'17 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'परमाणु समझौता लागू करने में परेशानी'15 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस सोनिया के बयान से भड़के वामपंथी08 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'विकास के दुश्मन हैं क़रार के विरोधी'07 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'यूपीए सरकार अमरीकी दबाव में है'07 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस परमाणु समझौते से पाकिस्तान चिंतित03 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||