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डीएम हत्याकांड में सात दोषी करार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में गोपालगंज के ज़िलाधिकारी जी कृष्णैया की हत्या के तेरह साल पुराने मामले में स्थानीय सत्र अदालत ने एक विधायक और दो पूर्व सांसदों समेत सात लोगों को दोषी ठहराया है. पटना के सत्र न्यायाधीश रामश्रेष्ठ राय ने इस मामले में लालगंज से सत्तारूढ़ जनता दल (यूनाइटेड) के विधायक मुन्ना शुक्ला, पूर्व सांसद आनंद मोहन और उनकी पत्नी लवली आनंद, पूर्व विधायक अख़लाक अहमद, प्रोफ़ेसर अरूण कुमार सिंह और जद (यू) नेता हरेंद्र कुमार को दोषी करार दिया. सभी दोषियों को तीन अक्तूबर को सज़ा सुनाई जाएगी. जी कृष्णैया की हत्या चार दिसंबर 1994 को मुज़फ्फ़रपुर ज़िले के खबरा गाँव के पास क्रुद्ध भीड़ ने कर दी थी. ये लोग स्थानीय बाहुबली नेता छोटन शुक्ला की हत्या से नाराज़ थे और इसी के विरोध में जुलूस की शक्ल में आगे बढ़ रहे थे. दोषी करार दिए गए विधायक मुन्ना शुक्ला उन्हीं के छोटे भाई हैं. जी कृष्णैया राष्ट्रीय उच्चपथ पर इस भीड़ में फँस गए और वहाँ मौजूद लोगों ने उनकी गाड़ी पर लालबत्ती देखते ही हमला कर दिया. दोषी करार दिए गए नेताओं के ख़िलाफ़ पुलिस ने भीड़ को उकसाने और ख़ुद हत्याकांड में शामिल होने का आरोप लगाया था. तेरह वर्ष पहले भारतीय प्रशासनिक सेवा एक वरिष्ठ अधिकारी की इस निर्मम हत्या से सनसनी फैल गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें ग्रामीणों ने दस 'चोरों' की हत्या की13 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नगालैंड में पाँच विद्रोहियों की हत्या10 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस शिबू सोरेन दुमका जेल से रिहा25 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस शशिनाथ झा हत्याकांड में शिबू सोरेन बरी22 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस असम में 12 हिंदीभाषियों की हत्या11 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस बेअंत हत्याकांड में दो को मौत की सज़ा31 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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