|
शिबू सोरेन दुमका जेल से रिहा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्व केंद्रीय मंत्री शिबू सोरेन नौ महीने दुमका जेल में बिताने के बाद शनिवार को रिहा हो गए. उन्हें हाईकोर्ट ने शशिनाथ झा हत्याकांड में बरी कर दिया है. शशिनाथ झा हत्या मामले में बरी किए जाने के चार दिन बाद जब पूर्व केंद्रीय कोयला मंत्री सोरेन जेल से बाहर आए तो उनके स्वागत के लिए जेल के बाहर बड़ी संख्या में उनके समर्थक मौजूद थे. झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सोरेन को शशिनाथ झा हत्याकांड मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को बरी कर दिया था. सज़ा हालाँकि निचली अदालत ने इस मामले में सोरेन को उम्र क़ैद की सज़ा सुनाई थी. लेकिन निचली अदालत के फ़ैसले को उलटते हुए हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था. सोरेन पिछले साल 28 नवंबर से आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे. वर्ष 1975 के चिरूडीह नरसंहार मामले में जामताड़ा की एक अदालत द्वारा उनके ख़िलाफ़ पेशी वारंट जारी किए जाने के बाद उन्हें जनवरी में तिहाड़ जेल से यहाँ लाया गया था. सोरेन को चिरुडीह नरसंहार मामले में ज़मानत मिल गई थी. इस बीच, सोरेन के वकील बीएन मांझी ने जामताड़ा की अदालत में एक याचिका दायर कर सोरेने के ख़िलाफ़ जारी पेशी वारंट वापस लिए जाने का आग्रह किया है. अपील उधर शशिनाथ झा के परिवार वालों का कहना है कि वो इस फ़ैसले के ख़िलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे. शशिनाथ झा एक समय में शिबू सोरेन के निजी सचिव हुआ करते थे. 1994 में शशिनाथ झा दिल्ली की धौला कुआं इलाक़े से गायब हुए थे. इसकी जाँच सीबीआई को सौंपी गई और इसके बाद रांची के नगड़ी में कुछ नरकंकाल मिले थे. हालाँकि इन नरकंकालों की डीएनए जाँच से स्पष्ट नहीं हो पाया कि ये नरकंकाल शशिनाथ झा के हैं या नहीं. इसके बावजूद सीबीआई की विशेष अदालत ने शिबू सोरेन को सज़ा सुनाई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें शशिनाथ झा हत्याकांड में शिबू सोरेन बरी22 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस झारखंड में 'गुरुजी' की पकड़ मज़बूत22 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस सोरेन का इस्तीफ़ा, यूपीए की मुश्किलें बढ़ीं29 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस शिबू सोरेन को सज़ा सुनाई जाएगी30 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सोरेन को सज़ा पाँच दिसंबर तक टली01 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस शिबू सोरेन को आजीवन कारावास05 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सोरेन दुमका सेंट्रल जेल में रहेंगे05 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस व्यावसायियों ने किया नेताओं का बहिष्कार25 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||