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सुप्रीम कोर्ट ने बंद पर रोक लगाई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में डीएमके के आह्वान पर सोमवार को होने वाले बंद पर रोक लगा दी है. अदालत ने इसे अनुचित ठहराते हुए कड़ी टिप्पणी भी की. उधर डीएमके के नेता करुणानिधि ने फ़ैसले के विरोध में भूख हड़ताल पर बैठने की घोषणा की है. आम तौर पर रविवार को सुप्रीम कोर्ट बंद होता है लेकिन इस मामले पर विशेष सुनवाई करते हुए कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश बीएन अग्रवाल और पीपी नाओलेकर की खंडपीठ ने डीएमके और उसके सहयोगी दलों से कहा कि एक अक्तूबर या किसी और दिन बंद की घोषणा नहीं की जा सकती. बंद पर अदालत के पूर्व फ़ैसलों का हवाला देते हुए खंडपीठ ने इसे ग़ैरक़ानूनी और असंवैधानिक बताया. डीएमके ने सोमावर को सेतुसमुद्रम परियोजना के पक्ष में तमिलनाडु बंद का आह्वान किया था. इसके ख़िलाफ़ वहाँ की विपक्षी पार्टी एआईएडीएमके ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. विशेष सुनवाई अदालत में दोनों पक्षों ने तीन घंटे तक अपनी-अपनी दलीलें पेश की और इस दौरान खंडपीठ ने तल्ख़ टिप्पणियाँ की. अदालत ने कहा, "इस देश में यही समस्या है. हमें हर मामले में कड़ा रूख़ अपनाना पड़ेगा, नहीं तो बात नहीं बनेगी." एआईएडीएमके के वकील एन ज्योति ने कहा कि उन्होंने अदालत के समक्ष बंद के दौरान आम आदमी की तक़लीफ़ों का ज़िक्र किया. उनका कहना था कि डीएमके सेतुसमुद्रम मामले को तूल देकर तमिलनाडु में नया बखेड़ा खड़ा करना चाहती है. | इससे जुड़ी ख़बरें वेदांती के ख़िलाफ़ डीएमके ने शिकायत की25 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस चेन्नई में भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ 23 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बयान वापस नहीं लेंगे करुणानिधि 20 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस करुणानिधि के बयान पर हिंसा19 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मारन ने मंत्रिमंडल से इस्तीफ़ा दिया13 मई, 2007 | भारत और पड़ोस मारन को मंत्रिमंडल से हटाने का फ़ैसला13 मई, 2007 | भारत और पड़ोस तमिलनाडु में हमले में तीन की मौत09 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'अदालती फ़ैसले पर राजनीति उचित नहीं'23 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस इंटरनेट लिंक्स बीबीसी बाहरी वेबसाइट की विषय सामग्री के लिए ज़िम्मेदार नहीं है. | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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