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संजय को एक माह की और राहत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
टाडा अदालत के फ़ैसले की प्रति नहीं मिलने के कारण 1993 के मुंबई धमाकों के मामले में दोषी पाए गए संजय दत्त को एक माह की राहत और मिल गई है. मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने संजय दत्त को अवैध हथियार रखने का दोषी करार देते हुए छह साल की सज़ा सुनाई थी. 20 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने ज़मानत की अर्ज़ी पर सुनवाई के लिए टाडा अदालत के फ़ैसले की कॉपी उपलब्ध नहीं होने को आधार मानते हुए उन्हें अंतरिम ज़मानत दे दी थी. सुप्रीम कोर्ट का कहना था कि ऐसे मुजरिम को जिसे फाँसी या उम्र क़ैद की सज़ा नहीं मिली हो, उसे फ़ैसले की पूरी कॉपी दिए बिना जेल में नहीं रखा जा सकता. संजय दत्त को फ़ैसले की कॉपी 27 सिंतबर तक मिलनी थी और इसी दिन उन्हें अदालत में समर्पण भी करना था, लेकिन कॉपी तैयार नहीं हो पाई. हाज़िरी से छूट संजय दत्त के वकील सतीश माने शिंदे ने बीबीसी को बताया कि अभी तक उनके मुवक्किल को फ़ैसले की कॉपी नहीं मिली है, इसलिए जज ने इन्हें अदालत में हाज़िर होने से भी छूट दे दी है. अभी तक किसी भी मुज़रिम को फ़ैसले की पूरी कॉपी नहीं मिल पाई है. अदालत के अधिकारियों के मुताबिक फ़ैसले की कॉपी तैयार करने का काम ज़ोर-शोर से चल रहा है लेकिन सौ दोषियों के फ़ैसले का विस्तृत ब्यौरा तैयार करने में समय लग सकता है. मुंबई धमाकों के मामले में कई अभियुक्तों की वकील रह चुकीं फ़रहाना शाह का कहना है, "ये ज़रूरी नहीं है कि जिन लोगों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की है, उन्हें फ़ैसले की कॉपी पहले मिल जाएगी." उनका कहना है कि पहले एक साथ सभी कॉपियाँ तैयार कर ली जाएंगी और उसके बाद इन्हें वितरित किया जाएगा. फ़रहाना शाह का मानना है कि अक्तूबर में भी फ़ैसले की कॉपी मिल पाएगी या नहीं, कहना मुश्किल है. | इससे जुड़ी ख़बरें लोगों का प्यार नहीं भूलूँगा: संजय दत्त23 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस इंतिज़ार ख़त्म, संजय रिहा23 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस संजय दत्त को अंतरिम ज़मानत मिली20 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस संघ ने संजू की सज़ा का स्वागत किया04 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस पुणे की यरवदा जेल भेजे गए संजू02 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस संजय दत्त को छह साल की क़ैद31 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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