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पाकिस्तान राष्ट्रपति चुनाव छह अक्तूबर को | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव छह अक्तूबर को कराने की घोषणा की गई है. पाकिस्तानी चुनाव आयोग के प्रवक्ता दिलशाद कँवर ने कहा है, "राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख़ 27 सितंबर है और मतदान 6 अक्तूबर को होगा." परवेज़ मुशर्रफ़ के राष्ट्रपति और सेनाध्यक्ष दोनों पद संभालने को लेकर विवाद रहा है लेकिन हाल में राष्ट्रपति मुशर्रफ़ के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि राष्ट्रपति चुने जाने के बाद वो सेनाध्यक्ष का पद छोड़ देंगे. पाकिस्तान के सत्तारूढ़ दल पाकिस्तान मुस्लिम लीग (क्यू) के महासचिव मुशाहिद हुसैन सईद ने भी मीडिया से बातचीत में कहा था कि राष्ट्रपति मुशर्रफ़ की 15 नवंबर तक सेनाध्यक्ष पद छोड़ने की योजना है. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की योजनाओं को अनेक क़ानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान में राष्ट्रपति पद का चुनाव सीधे नहीं होता है बल्कि संघीय और प्रांतीय एसेंबलियों के ज़रिए होता है. सुप्रीम कोर्ट को अभी इस मुद्दे पर फ़ैसला देना है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ क्या सेनाध्यक्ष या रिटायर्ड जनरल रहते हुए भी राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए खड़े हो सकते हैं या नहीं. विपक्ष की आपत्ति विपक्षी दलों की माँग है कि राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ मौजूदा एसेंबलियों से चुनाव कराने के बजाय नई चुनी हुई संसद से चुनाव कराने की घोषणा करें क्योंकि मौजूदा एसेंबलियों का कार्यकाल तो कुछ दिन में समाप्त हो जाएगा.
विपक्षी दलों ने घोषणा कर रखी है कि अगर राष्ट्रपति मुशर्रफ़ फिर इस पद के लिए चुनाव लड़ते हैं तो वे राष्ट्रीय और प्रांतीय एसेंबलियों से इस्तीफ़ा दे देंगे. विपक्षी दलों का गठबंधन पहले देश में आम चुनाव कराने की माँग कर रहा है लेकिन परवेज़ मुशर्रफ़ चाहते हैं कि पहले वो दोबारा राष्ट्रपति पद के लिए चुन लिए जाएँ. हालांकि पाकिस्तान के चुनाव आयोग ने ऐलान किया था कि कोई भी व्यक्ति सेना प्रमुख रहते हुए राष्ट्रपति का चुनाव लड़ सकता है. यानी परवेज़ मुशर्रफ़ सेना अध्यक्ष का पद रखते हुए भी चुनाव लड़ सकेंगे. पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उनके पास इतनी पर्याप्त सीटें हैं कि जनरल मुशर्रफ़ का फिर से इस पद पर चुनाव हो सकता है. इसके अलावा सरकारी कर्मचारी के तौर पर सेवानिवृत्त होने के दो साल बाद चुनाव लड़ने की पाबंदी भी अब नहीं है. समाचार एजेंसी एएफ़पी ने सूचना मंत्री मोहम्मद अली दुर्रानी के हवाले से कहा, "चुनाव तारीख़ों की घोषणा कर दी गई है और इंशाअल्लाह हम उन्हें फिर से इस पद पर निर्वाचित करेंगे. हमारे पास बहुमत और बल है." उल्लेखनीय है कि परवेज़ मुशर्रफ़ ने 1999 में तख़्ता पलट से सत्ता हासिल की थी. |
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