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नवाज़ पाकिस्तान रवाना, साथ नहीं गए शहबाज़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ पीआईए के विमान से लंदन से इस्लामाबाद रवाना हो गए हैं. वो सोमवार को पाकिस्तान पहुँचेंगे. लेकिन उनके भाई शहबाज़ शरीफ़ साथ नहीं गए हैं. नवाज़ शरीफ़ ने लंदन के हीथ्रो हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि उन्हें गिरफ़्तार किया गया तो यह देश के स्वतंत्रता के लिए छोटी सी कीमत होगी. दूसरी ओर शहबाज़ शरीफ़ ने बताया है कि नवाज़ शरीफ़ ने उन्हें अभी पाकिस्तान जाने से मना किया है. बीबीसी के साथ बातचीत में शहबाज़ शरीफ़ ने कहा कि वे तो पाकिस्तान जाना चाहते थे लेकिन उनके बड़े भाई नवाज़ शरीफ़ ने मना कर दिया. उन्होंने कहा, " मैंने बड़ी कोशिश की लेकिन उनका हुक्म है. और वो नहीं मान रहे. मैं इससे मायूस हूँ. लेकिन मेरे लीडर ने मुझे सख़्ती से रोका है. मैं क्या कर सकता हूँ." लेकिन उन्होंने उम्मीद जताई कि वे बहुत जल्दी ही पाकिस्तान जाएँगे. रवाना होने से पहले हीथ्रो हवाई अड्डे पर नवाज़ शरीफ़ ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वो अपने वतन जाने को लेकर खुश हैं. उनका कहना था कि ये अहम मौक़ा है, इतने सालों बाद अपने वतन के विमान में बैठ रहा हूँ. ग़ौरतलब है कि कुछ दिन पहले पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें स्वदेश लौटने की अनुमति दे दी थी. 1999 में नवाज़ शरीफ़ का तख़्ता पलट दिया गया था और अगले साल उन्हें पाकिस्तान से निर्वासित कर दिया गया था. इस बीच पाकिस्तान से आ रही रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ के स्वदेश लौटने से पहले उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को गिरफ़्तार किया जा रहा है. नवाज़ शरीफ़ की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग के एक प्रवक्ता एहसान इक़बाल ने बताया कि पिछले कुछ दिनों के दौरान पंजाब प्रांत से पार्टी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है. पंजाब नवाज़ शरीफ़ का गढ़ माना जाता है. हालाँकि गिरफ़्तार लोगों की संख्या के बारे में पुष्टि नहीं हो पाई है. लेकिन नवाज़ शरीफ़ की पार्टी के प्रवक्ता का कहना है कि उनके कई कार्यकर्ता इस कार्रवाई के कारण छिप गए हैं. अधिकारियों ने हवाई अड्डों पर अलर्ट घोषित कर दिया है और रैलियों पर पाबंदी लगा दी है. लंदन में शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए नवाज़ शरीफ़ ने कहा था कि वे पाकिस्तान वापस जाने को लेकर प्रतिबद्ध हैं. बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ की वापसी से पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता फैल सकती है क्योंकि उनकी वापसी को राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के लिए चुनौती माना जा रहा है. तख़्तापलट वर्ष 1999 में परवेज़ मुशर्रफ़ ने नवाज़ शरीफ़ का तख़्ता पलट दिया था. उसके एक साल के बाद नवाज़ शरीफ़ और उनके भाई को देश से निर्वासित कर दिया गया था. लेकिन पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने नवाज़ शरीफ़ को देश लौटने की अनुमति दे दी थी. हालाँकि पाकिस्तान सरकार ने अपील की थी कि नवाज़ शरीफ़ को उस समझौते का सम्मान करना चाहिए, तो निर्वासित किए जाने के समय किया गया था. लेकिन नवाज़ शरीफ़ ऐसे किसी भी समझौते की बात से इनकार करते हैं और उनका कहना है कि वे अपने भाई शाहबाज़ शरीफ़ के साथ पाकिस्तान ज़रूर लौटेंगे. शनिवार को लंदन में एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा, "मैं 10 सितंबर को अपने भाई के साथ पाकिस्तान जाऊँगा. देश को मेरी ज़रूरत है. मैं पाकिस्तान की जनता का नेतृत्व करने जा रहा हूँ. इस्लामाबाद में बैठे तानाशाह को मुझे रोकने की कोशिशें छोड़ देनी चाहिए." पाकिस्तान की सरकार का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ के लौटने से देश का राजनीतिक माहौल अस्थिर हो जाएगा. पाकिस्तान में आने वाले कुछ महीनों में आम चुनाव भी होने हैं. इस्लामाबाद से बीबीसी संवाददाता बारबारा प्लेट का कहना है कि नवाज़ शरीफ़ की प्रस्तावित वापसी राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के लिए बड़ी चुनौती बन गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें पाक में शरीफ़ समर्थकों की 'गिरफ़्तारी'09 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नवाज़ शरीफ़ की वापसी से पहले सरगर्मी तेज़09 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'कार्यक्रम के मुताबिक पाकिस्तान जाऊँगा'08 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस हरीरी ने भी नवाज़ को न लौटने को कहा08 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में हवाई अड्डों पर कड़ी सुरक्षा08 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस पेशावर में धमाका, 12 लोग घायल08 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस शाहबाज़ शरीफ़ की गिरफ़्तारी का आदेश07 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुशर्रफ़ के ख़िलाफ़ सुनवाई 17 सितंबर से06 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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