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सलमान के लिए नई नहीं है जोधपुर जेल

सलमान ख़ान
जोधपुर सत्र न्यायालय ने सलमान की अपील ठुकराते हुए उनकी सज़ा को बरक़रार रखा
सिनेमा की दुनिया से यह अलग संसार है, लेकिन सलमान ख़ान के लिए जोधपुर की जेल नई नहीं है. पहले भी वह दो दिन और तीन रात इसी जेल में गुज़ार चुके हैं.

सलमान ने पिछली बार जेल से छूटने के बाद वादा किया था कि वह बैरकों में शौचालयों का निर्माण करवाएँगे और अर्थदंड न चुका पाने के कारण जेल में बंद क़ैदियों का जुर्माना खुद भरेंगे.

अब क़ैदियों का उनसे सवाल पूछना लाज़मी है -' क्या हुआ तेरा वादा...'

असहयोग

हिंदी फ़िल्म ‘मैने प्यार क्यों किया’ में सलमान की मां की भूमिका निभा चुकी राजस्थान की पूर्व मंत्री बीना काक ने बीबीसी से कहा, "सलमान क़ैदियों की सुविधा के लिए शौचालय और स्नानघर का जीर्णोद्धार करने को तैयार थे. मैने कई बार सरकार से गुहार लगाई कि वह इसका प्रस्ताव दे, लेकिन सरकार ने हमारी बात नहीं सुनी."

 पिछली बार सलमान ने जेल में बंद उन वृद्ध क़ैदियों को देखा, जो जुर्माना नहीं भर पाने के कारण सलाखों के पीछे थे. सलमान ने उनकी मदद का प्रस्ताव रखा था, लेकिन सरकार का रुख़ बहुत ठंडा रहा
बीना काक, पूर्व मंत्री, राजस्थान

बीना काक कहती हैं, “पिछली बार सलमान ने जेल में बंद उन वृद्ध क़ैदियों को देखा, जो जुर्माना नहीं भर पाने के कारण सलाखों के पीछे थे. सलमान ने उनकी मदद का प्रस्ताव रखा था, लेकिन सरकार का रुख़ बहुत ठंडा रहा.”

आज़ादी से पहले रियासतों के समय बनी जोधपुर जेल को देश की सबसे सुरक्षित जेलों में से माना जाता है.

ऑपरेशन ‘ब्लू स्टार’ के बाद गिरफ़्तार कथित चरमपंथियों को इसी जेल में रखा गया था. इनमें अखिल भारतीय सिख स्टूडेंट्स फ़ेडरेशन के हरमिंदर सिंह संधू और चरमपंथी नेता संत जरनैल सिंह भिडरांवाले के भतीजे जसबीर सिंह रोडे भी शामिल थे.

बाद में वर्ष 1999 में कश्मीरी अलगाववादी नेताओं हुर्रियत कान्फ़्रेंस के सैयद अली गिलानी, अब्दुल ग़नी बट, यासीन मलिक और जावेद मीर को भी यहाँ रखा गया था.

भारत में गिरफ़्तार पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के कई चरमपंथियों को भी इसी जेल में रखा गया था.

ख़ासियत

राजस्थान में जेल महानिरीक्षक पद से सेवानिवृत्त हुए आरके सक्सेना कहते हैं, “जोधपुर जेल भारत की सबसे महफ़ूज जेल है. इसकी ख़ासियत इसकी बनावट और बसावट है.”

 तब सलमान ने पूरी तरह अनुशासन का पालन किया था. उन्होंने शौचालय के जीर्णोद्धार की बात कही थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी
एमएल चौहान

वो कहते हैं, “इस जेल में कई प्रमुख क़ैदी रहे हैं. पिछली बार सलमान को बैरक संख्या एक में महेश नामक क़ैदी का साथ मिला था. इस बार पता नहीं उन्हें किसका साथ मिलेगा.”

पिछली बार सलमान को जब इस जेल में आना पड़ा था तो जेल अधीक्षक एमएल चौहान थे. वो कहते हैं, “तब सलमान ने पूरी तरह अनुशासन का पालन किया था. उन्होंने शौचालय के जीर्णोद्धार की बात कही थी, लेकिन बात आगे नहीं बढ़ सकी.”

दूसरी बार जेल जाने से पहले सलमान ने बीना काक से फ़ोन पर बात की. सलमान ने बीना काक से कहा, “इंशा अल्लाह सब ठीक होगा.”

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