| | संजय दत्त की सज़ा की मीडिया में ख़ासी चर्चा है |
मंगलवार की रात जेल में संजय दत्त की पहली रात नहीं थी, 1993 में लगभग डेढ़ साल तक वे सलाखों के पीछे रहे थे लेकिन सज़ायाफ़्ता के तौर पर उनकी पहली रात बहुत मुश्किल से कटी. साथ वाले सेल में बंद एक बुज़ुर्ग क़ैदी ने बताया कि उन्होंने संजय दत्त को थोड़ी देर के लिए रोते देखा और उन्होंने रात का खाना नहीं खाया. ऑर्थर रोड जेल के अधिकारियों ने उन्हें वही खाना दिया था जो आम क़ैदियों को दिया जाता है, दाल, रोटी, चावल और सब्ज़ी. संजय दत्त को एक क़ैदी सलीम क़ुरैशी दो सेब खाने को दिए जो उन्होंने खा लिए, उन्होंने अपने इस साथी से कहा कि वह उनके लिए दुआ करे. उन्हें ऑर्थर रोड जेल की सेल नंबर 1 में एक कमरा दिया गया है, इस सेल में कुल तीन कमरे और एक बड़ा हॉल है जिसमें 110 क़ैदी हैं जो आसानी से संजय दत्त से मिल-जुल सकते हैं. उनके साथ वाले कमरे में यूसुफ़ नलवाला हैं जिन्हें 1993 के धमाकों के सिलसिले में सज़ा हुई है और वे संजय दत्त के पुराने दोस्त हैं. इसी जेल में माफ़िया सरगना अबू सालेम भी बंद हैं और वे भी उसी बैरक में हैं. संजय दत्त इसी जेल में 1993-94 में भी रहे थे और गाड़ी से कुचलकर लोगों को मार डालने के अभियुक्त सलमान ख़ान भी यहीं रहे थे. उनके साथी क़ैदियों ने बताया कि उन्हें बुधवार की सुबह जेल के अधीक्षक ने अपने कमरे में बुलवाया था और उनसे जानना चाहा कि उन्हें कोई दिक्क़त तो नहीं हो रही. इसके जवाब में संजय दत्त ने क्या कहा, इसकी जानकारी नहीं मिल सकी है. वे अब सज़ायाफ़्ता क़ैदी की पोशाक पहन रहे हैं, सफ़ेद धारीदार कुर्ता और पायज़ामा. उन्हें रहने के लिए जो कमरा दिया गया है उसमें कोई फ़र्नीचर नहीं है लेकिन उसके भीतर ही एक शौचालाय है. बताया जा रहा है कि जेल अधिकारियों ने उन्हें दवाइयाँ खाने और सिगरेट पीने की अनुमति दे दी है. |