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संजय दत्त को रिहाई का इंतज़ार | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट से सोमवार को अंतरिम ज़मानत मिलने के बाद भी संजय दत्त अभी रिहाई का इंतज़ार कर रहे हैं और बुधवार का पूरा दिन इसी बेताबी में गुज़रा कि कब वे रिहा होंगे. दरअसल सुप्रीम कोर्ट से चला उनकी रिहाई का आदेश यरवदा जेल तक नहीं पहुंच सका था. टाडा अदालत के जज पीडी कोडे को संजय दत्त की अंतरिम ज़मानत के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का निरीक्षण कर यरवदा जेल के अधिकारियों को संजय दत्त की रिहाई के लिए निर्देश देना था. लेकिन यह आदेश मंगलवार को समय पर नहीं पहुँच सका. ख़बरों के अनुसार लोगों को मंगलवार को संजय दत्त की रिहाई की उम्मीद थी और जेल के बाहर भीड़ जमा हो गई थी लेकिन बुधवार को भी यह उम्मीद पूरी नहीं हो सकी. ग़ौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई में 1993 में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में संजय दत्त और पाँच अन्य लोगों को अंतरिम ज़मानत दे दी थी. अदालत ने आदेश दिया था कि उनकी यह ज़मानत टाडा अदालत के फ़ैसले की प्रति मिलने तक प्रभावी रहेगी. मुंबई बम धमाके के फ़ैसले की प्रति न तो अभियुक्तों को मिली है और न ही सीबीआई को. सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम ज़मानत देते हुए इन लोगों के लिए कई शर्तें भी निर्धारित की हैं. अदालत ने कहा है कि जिस दिन फ़ैसले की प्रति मिलेगी, उस दिन संजय दत्त सहित इन सभी लोगों को आत्मसमर्पण करना होगा. इन लोगों को सप्ताह में एक दिन मुंबई में सीबीआई के समक्ष पेश होना होगा. मुख्य न्यायधीश केजी बालाकृष्णन की खंडपीठ ने कहा कि फ़ैसले की प्रति मिलने के बाद ये सभी लोग ज़मानत के लिए अपील कर सकते हैं जिस पर योग्यता के आधार पर फ़ैसला किया जाएगा. छह साल की सज़ा ग़ौरतलब है कि अवैध हथियार रखने के जुर्म में टाडा अदालत ने संजय दत्त को 6 वर्ष के कठोर कारावास की सज़ा सुनाई थी.
संजय दत्त ने सुप्रीम कोर्ट में सज़ा के ख़िलाफ़ अपील दायर की थी, साथ ही ज़मानत देने का भी अनुरोध किया था. दस अगस्त को मुख्य न्यायधीश केजी बालाकृष्णन और जस्टिस आरवी रवींद्रन की खंडपीठ ने संजय दत्त की ओर से दलीलें सुनने के बाद ज़मानत अर्जी पर सीबीआई को नोटिस जारी किया था. सीबीआई का कहना था कि फ़ैसले की प्रति न मिल पाने के कारण वह जवाब दाखिल नहीं कर पा रही है. मुंबई की विशेष टाडा अदालत ने 1993 में मुंबई में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के मामले में 'आर्म्स एक्ट' के तहत फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को छह साल की सज़ा सुनाई थी. संजय दत्त पर 25 हज़ार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया था. जज पीडी कोडे ने संजय दत्त की ज़मानत अर्जी भी नामंजूर कर दी थी. इसके बाद संजय दत्त को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें ऑर्थर रोड जेल भेज दिया गया था. बाद में उन्हें पुणे की यरवदा जेल भेज दिया गया. |
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