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'देश का अच्छा समय आना अभी बाक़ी' | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की आजा़दी की 60वीं वर्षगाँठ पर देश भर में जश्न का माहौल है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि देश के लिए सबसे अच्छा समय आना अभी बाक़ी है. मनमोहन सिंह ने कहा कि तेज़ आर्थिक विकास ग़रीबी ख़त्म करने में मदद करेगा. उन्होंने किसानों के लिए नए कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की जिस पर 25 हज़ार करोड़ रूपए खर्च होंगे. जश्न के माहौल के बीच देश के कई हिस्सों में हिंसक घटनाएँ भी हुई हैं. असम के दो ज़िलों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर चार बम धमाके हुए जिसमें दो लोग घायल हो गए. वहीं जम्मू कश्मीर में आम तौर पर शांति कायम रही. वहाँ अलगाववादियों ने बंध का आह्वान किया था. इससे पहले मनमोहन सिंह ने लाल क़िले के प्राचीर से भाषण दिया.उनका पूरा भाषण सामाजिक क्षेत्र पर केंद्रित रहा. उन्होंने अपने संबोधन में पाकिस्तान या परमाणु समझौते का ज़िक्र नहीं किया. राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के पिछले तीन वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों की ज़िक्र किया लेकिन यह भी स्वीकार किया कि कई चुनौतियों से निपटना अभी बाकी है. उन्होंने कहा, "हम कुछ मामलों में लड़खड़ाए भी होंगे लेकिन हम लक्ष्य से पीछे नहीं हटेंगे. आर्थिक विकास की तेज़ गति के बावजूद कई इलाक़ों में गुरबत हमें शर्मिंदा करती है. आज हम ग़रीबी हटाने का संकल्प लेते हैं." प्रधानमंत्री का कहना था कि ग़रीबी विकास के ज़रिए ही दूर हो सकेगी, "आज जिस रफ़्तार से अर्थव्यवस्था बढ़ रही है, उतना देश के इतिहास में कभी दर्ज नहीं हुआ. इसके ज़रिए ग़रीबी दूर करने का लक्ष्य पहुँच में है. इसके अलावा कोई और जादू की छड़ी नहीं है." 'आतंकवाद' प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा कि जो लोग उग्रवाद, आतंकवाद और सांप्रदायिकता फैलाने में विश्वास रखते हैं उनके लिए समाज में जगह नहीं है. उनका कहना था, "इसमें कोई शक नहीं कि सरकार हर तरह के आतंकवाद का मुक़ाबला पूरी तरह से करेगी." जम्मू-कश्मीर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा, "गोलमेज़ सम्मेलनों के बाद जम्मू-कश्मीर में मेल मिलाप की भावना बढ़ी है. जम्मू-कश्मीर के तीनों हिस्सों में नए निवेश हो रहे हैं." पाकिस्तान का नाम लिए बिना प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने पड़ोसियों के साथ बेहतर रिश्ते चाहता है. उनका कहना था, "हम अपने पड़ोसियों की तरक्की के ख़्वाहिशमंद हैं क्योंकि इसी से हम भी खुश रहेंगे." किसान प्रधानमंत्री ने किसानों के लिए नई कल्याणकारी योजनाओं की घोषणा करते हुए कहा कि इस पर 25 हज़ार करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे. उनके मुताबिक इस राशि का उपयोग पैदावार बढ़ाने के कार्यक्रमों पर किया जाएगा. मनमोहन सिंह ने कहा कि वे ख़ुद कृषि क्षेत्र का जायज़ा लेने के लिए राज्यों का दौरा कर रहे हैं. उन्होंने किसानों को दी गई सुविधाओं के बारे में बताया, "हमनें कृषि ऋण की सीमा बढ़ाई है और इस पर ब्याज़ की दरें घटाई हैं. हमारी सरकार ने गेहूँ और चावल के न्यूनतम समर्थन मूल्यों में भी वृद्धि की है." प्रधानमंत्री ने औद्योगिक विकास के दौरान होने वाले विस्थापन की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार नई पुनर्वास नीति तैयार कर रही है जो अंतिम रूप में है. साथ ही उन्होंने 65 वर्ष से अधिक आयु के उन लोगों के लिए पेंशन व्यवस्था शुरू करने की बात कही जो ग़रीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं. नए स्कूल, आईआईटी शिक्षा को सतत विकास के लिए ज़रूरी बताते हुए मनमोहन सिंह ने देश भर में विकास खंड स्तर पर छह हज़ार नए स्कूल और 370 कॉलेज खोलने की घोषणा की. उन्होंने कहा कि तकनीकी प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने के लिए आठ नए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), सात भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) और पाँच नए भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएस) खोले जाएंगे. प्रधानमंत्री का कहना था कि आने वाले समय में ज़बरदस्त शिक्षा क्रांति आएगी और सरकार सस्ती, समान और सर्वसुलभ शिक्षा मुहैया कराने के लिए हर संभव क़दम उठाएगी. |
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