 | | | दासमुंशी का कहना है कि संजय दत्त पहले ही काफ़ी झेल चुके हैं |
फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त को सुनाई गई छह साल की सज़ा के बारे में केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी को सफ़ाई देनी पड़ी है. उन्होंने इस फ़ैसले को 'बहुत सख़्त' बताते हुए कहा था कि इस फ़ैसले से उन्हें "गहरा सदमा लगा है और हैरत हुई है." उन्होंने कहा कि "संजय दत्त का व्यवहार युवा पीढ़ी के लिए एक मिसाल रहा है." अब उन्होंने एक स्पष्टीकरण जारी करके कहा है कि उनका इरादा न्यायपालिका की अवमानना का क़तई नहीं था. प्रियरंजन दासमुंशी को भारतीय समाचार माध्यमों ने यहाँ तक कहते हुए बताया था कि "अगर किसी को संजय के साथ हमदर्दी नहीं है तो उसको अपने दिल की जाँच करानी चाहिए." अब उन्होंने कहा है कि न्यायपालिका को चुनौती देने की बात नहीं है लेकिन "आम जनता को सोचना चाहिए कि संजय दत्त को ग़ैर इरादतन अपराध के लिए क्या पहले ही पर्याप्त सज़ा नहीं मिल गई है." प्रियरंजन दासमुंशी ने उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट से संजय दत्त को राहत मिल सकेगी और उन्होंने कहा कि इस दिशा में भरपूर प्रयास किए जाने चाहिए.  |  फ़िल्म उद्योग से जुड़े मामलों का प्रभारी होने के कारण उसमें काम करने वाले किसी व्यक्ति की चिंता करना मेरा दायित्व है  प्रियरंजन दासमुंशी |
उन्होंने दोहराया कि अदालत ने भी माना है कि वे आतंकवादी नहीं हैं. एक आपराधिक मामले में न्यायपालिका के फ़ैसले के बाद एक केंद्रीय मंत्री के टिप्पणी करने को वैसे ही असाधारण समझा जा रहा है. समाचार एजेंसियों के मुताबिक़ केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री ने कहा, "फ़िल्म उद्योग से जुड़े मामलों का प्रभारी होने के कारण उसमें काम करने वाले किसी व्यक्ति की चिंता करना मेरा दायित्व है." संजय दत्त को 1993 के बम धमाकों के सिलसिले में एक विशेष अदालत ने शस्त्र अधिनियम के तहत छह वर्ष कारावास की सज़ा सुनाई है. फ़िल्म अभिनेता संजय दत्त ने अदालत से अपील की थी कि उन्हें जेल भेजे जाने से पहले कुछ समय दिया जाए लेकिन अदालत ने उनकी यह अपील ठुकरा दी थी जिसके बाद उन्हें आर्थर रोड जेल ले जाया गया. |