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पूर्व मंत्री को 31 साल की सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश की एक अदालत ने पूर्व मंत्री अमीनुल हक़ को 31 साल क़ैद की सज़ा सुनाई है. उन पर इस्लामिक चरमपंथियों की मदद करने का आरोप था, जिन्होंने वर्ष 2005 में कई बम हमले किए थे. अमीनुल हक़ इस समय देश से बाहर हैं. वे बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के सदस्य हैं, जिसका नेतृत्व पूर्व प्रधानमंत्री ख़ालिदा ज़िया करती हैं. बांग्लादेश के पश्चिमोत्तर शहर राजशाही में अदालत ने इस मामले में अमीनुल हक़ को दोषी ठहराते हुए 31 साल क़ैद की सज़ा सुनाई. वर्ष 2005 में हुए कई बम हमलों में 30 लोग मारे गए थे. इन्हीं बम हमलों में दो जज भी मारे गए थे. मामला जिस मामले में जमात-उल-मुजाहिदीन के दो सदस्यों को इसी साल मार्च में फाँसी पर लटका दिया गया था. जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश में प्रतिबंधित संगठन है. अदालत ने अमीनुल हक़ को दोषी ठहराते हुए कहा कि उन्होंने जमात-उल-मुजाहिदीन की सहायता की. ख़ालिदा ज़िया की सरकार में अमीनुल हक़ दूरसंचार मंत्री थे. अगस्त 2005 में बांग्लादेश के कई शहरों में एक साथ कई हमले हुए थे. उस समय 50 शहरों में एक साथ 300 से ज़्यादा धमाके हुए थे. जमात-उल-मुजाहिदीन ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी भी ली थी. इस संगठन ने ग़ैर सरकारी संगठनों और अहमदिया संप्रदाय के लोगों को भी निशाना बनाया था. हाल के वर्षों में बांग्लादेश में चरमपंथी हिंसा की घटनाएँ बढ़ी हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'बांग्लादेश की स्थिति पर भारत की नज़र'16 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस शेख़ हसीना को गिरफ़्तार किया गया16 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'बांग्लादेश में और गिरफ़्तारियाँ संभव'11 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस मुजीब हत्याकांड के अभियुक्त निष्कासित18 जून, 2007 | भारत और पड़ोस घर से नहीं निकल पाईं शेख़ हसीना15 जून, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेशी राजनीतिज्ञ की हिरासत बढ़ी04 जून, 2007 | भारत और पड़ोस ख़ालिदा ज़िया के सलाहकार को सज़ा21 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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