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जितेंद्र ने भी खेती की ज़मीन ख़रीदी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
महाराष्ट्र में किसानों का खेती के प्रति भले ही मोहभंग हो रहा है, लेकिन बॉलीवुड में इसके लिए ललक बढ़ती जा रही है. फ़िल्म अभिनेता जितेंद्र और उनके परिजन भी अब काश्तकार हो गए हैं. कपूर परिवार ने राजस्थान के बूंदी ज़िले में खेती के लिए ज़मीन ख़रीदी है. राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक जितेंद्र और उनके परिवार ने बूंदी की हिंडौली तहसील के रानीपुरा गाँव में तीन बीघा ढाई बिसवा ज़मीन ख़रीदी है. ज़मीन का यह सौदा एक अप्रैल, 2006 को हुआ. हिंडौली तहसील के रिकॉर्ड के मुताबिक रानीपुरा के छोटूलाल ने एक लाख 30 हज़ार रुपए में इस भूमि को कपूर परिवार के नाम कर दिया. इससे पहले फ़िल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन और आमिर ख़ान के कृषि योग्य भूमि ख़रीदने को लेकर काफ़ी विवादा हो चुका है. अमिताभ को तो इस मामले में मुकदमे का भी सामना करना पड़ा. बहरहाल इस मामले में ख़रीदार के बतौर जितेंद्र उर्फ़ रवि कपूर, शोभा कपूर पुत्री गोपाल सिप्पी, तुषार कपूर और एकता कपूर का नाम दर्ज़ है. बूंदी में नए किसान बने इन सितारों का पता कृष्णा बंगला, गुलमोहर क्रॉस रोड, मुंबई दर्शाया गया है. सरकारी सूत्रों ने भी इस कृषि भूमि के सौदे की पुष्टि की है. इस सौदे को अंतिम रूप देने के लिए शोभा कपूर बूंदी के कई चक्कर लगा चुकी हैं. हालांकि बाक़ी कागज़ी कार्रवाई मुंबई में ही संपन्न कर ली गई थी. कपूर परिवार ने ज़मीन बेचने वाले छोटूलाल को ही भूमि की देखभाल के लिए नियुक्त कर दिया है. दक्षिण पूर्वी राजस्थान में बूंदी ने हाल के वर्षो में धान की खेती से काफ़ी नाम कमाया है. वैसे तीन बीघ ज़मीन पर बड़ी खेती तो मुश्किल है लेकिन स्थानीय लोग अपने साथ 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' की निर्माता को काश्तकार की सूची में देखकर काफ़ी खुश होंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें पैदाइशी किसान हूँ मैं : आमिर ख़ान07 जून, 2007 | भारत और पड़ोस अमिताभ की अपील पर फ़ैसला सुरक्षित07 जून, 2007 | भारत और पड़ोस कैसे नहीं हैं अमिताभ बच्चन 'किसान'04 जून, 2007 | भारत और पड़ोस अमिताभ बच्चन पर मुक़दमे की सिफ़ारिश04 जून, 2007 | भारत और पड़ोस 'किसान' अमिताभ की ज़मीन... 29 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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