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डेरा मामले में फ़ैसला बुधवार तक सुरक्षित | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पंजाब की भटिंडा अदालत ने डेरा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह के ख़िलाफ़ वारंट जारी करने संबंधी अर्ज़ी पर अपना फ़ैसला बुधवार तक सुरक्षित रखा है. सोमवार को पंजाब पुलिस ने भटिंडा की एक अदालत में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह की गिरफ़्तारी का वारंट जारी करने की अर्ज़ी दी थी. भटिंडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बीबीसी को बताया कि पुलिस विभाग की ओर से सोमवार को स्थानीय अदालत में दी गई अर्ज़ी पर बुधवार यानी 20 जून तक फ़ैसला सुरक्षित रखा गया है. ग़ौरतलब है कि पिछले महीने पंजाब के एक समाचार पत्र में छपे विज्ञापन में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख बाबा गुरमीत सिंह राम रहीम को कथित रूप से सिख गुरू गोविंद सिंह के वेश में दिखाए जाने के बाद कुछ सिख लोग भड़क उठे थे. उनका आरोप था कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख ने उनके गुरू की वेशभूषा पहनकर सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है. इसे लेकर कई दिनों तक पंजाब में विरोध-प्रदर्शन होता रहा जिससे सामान्य जनजीवन भी ख़ासा प्रभावित हुआ था. इस विवाद के तूल पकड़ने के बाद पंजाब पुलिस ने बाबा गुरमीत सिंह और उनके कुछ अनुयायियों के ख़िलाफ़ धार्मिक भावनाओं को आहत करने का आरोप लगाते हुए धारा 295 ए के तहत मामला दर्ज किया था. सरकारी खानापूर्ति
हालांकि जानकार मानते हैं कि पंजाब पुलिस की ओर से उठाया गया यह क़दम दरअसल इस दिशा में एक खानापूर्ति भर ही है. मंगलवार को अमृतसर में सिख संप्रदाय के संत समाज के लोग डेरा प्रमुख के विरोध में गिरफ़्तारियाँ देने का निर्णय किया था. सिख संत समाज डेरा प्रमुख की तत्काल गिरफ़्तारी की माँग कर रहा है. क़ानून के जानकार मानते हैं कि जिस धारा के तहत डेरा प्रमुख के ख़िलाफ़ मामला दर्ज है, उसके बाद किसी वारंट की औपचारिक आवश्यकता नहीं रह जाती और अभियुक्त को सीधे गिरफ़्तार किया जा सकता है. स्थानीय पत्रकार असित जॉली बताते हैं कि इस तरह से इतने दिनों बाद पुलिस की ओर से डेरा प्रमुख को गिरफ़्तार करने के लिए वारंट माँगना वर्तमान परिस्थितियों की उपज मालूम देता है. उधर संत समाज ने यह भी कहा है कि अगर उनकी माँग नहीं मानी गई तो वे 24 जून को दिल्ली गुरू सिंघ सभा और गरमपंथी सिख संगठनों के साथ मोगा गुरुद्वारा से गुरुद्वारा तलवंडी साहेब तक रोष यात्रा निकालेंगे. उल्लेखनीय है कि यह वो रास्ता है जो मालवा क्षेत्र के उन इलाकों से गुज़रता है जहाँ डेरा सच्चा सौदा का प्रभाव रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें अकाल तख़्त को माफ़ीनामा मंज़ूर नहीं29 मई, 2007 | भारत और पड़ोस गुरु गोविंदसिंह से माफ़ी मांगी डेरा ने27 मई, 2007 | भारत और पड़ोस डेरा-सिख विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुँचा25 मई, 2007 | भारत और पड़ोस डेरा प्रमुख के ख़िलाफ़ मामला दर्ज20 मई, 2007 | भारत और पड़ोस क्या है डेरा सच्चा सौदा?18 मई, 2007 | भारत और पड़ोस ''डेरा'' अनुयायी और सिखों के बीच तनाव17 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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