|
मायावती मामले पर फ़ैसला टला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका पर फैसला टाल दिया है जिसमें मायावती के राज्यसभा में रहते हुए मुख्यमंत्री बनने को चुनौती दी गई थी. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि वे याचिका पर विचार करने के बाद इस बारे में कोई टिप्पणी करेंगे पर इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है कि यह फैसला कब तक के लिए टाला गया है. उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल में शामिल सतीश मिश्र अब भी राज्यसभा के सदस्य हैं. इसी स्थिति को चुनौती देते हुए पिछले सप्ताह अशोक पांडे नाम के एक वकील की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई थी. याचिका में कहा गया है कि ऐसे में जब कि ये दोनों नेता पहले से राज्यसभा के सदस्य हैं, उनका राज्य के मुख्यमंत्री पद और कैबिनेट मंत्री के पद पर जाना असंवैधानिक है. याचिका में यह भी चिंता व्यक्त की गई है कि पिछले कुछ वर्षों में यह प्रवृत्ति बढ़ी है कि लोग दो-दो ज़िम्मेदारियाँ उठाए रखते हैं. अड़चन नियम के मुताबिक मायावती और सतीश मिश्र, दोनों को ही शपथ ग्रहण करने के छह महीने के भीतर ही राज्य विधायिका का सदस्य बनना होगा. इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री देवेगौड़ा के मामले में भी ऐसी ही स्थिति पैदा हो गई थी. देवेगौड़ा कर्नाटक की राज्य विधानसभा के सदस्य थे और सदस्य रहते हुए ही उन्होंने प्रधानमंत्री पद की शपथ ले ली थी. इस मामले में भी एक याचिका दायर की गई थी जिस पर विचार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ऐसा होने में कुछ ग़लत नहीं है. हालांकि मायावती के संदर्भ में मामला बिल्कुल उलट है क्योंकि यहाँ मामला संसद सदस्य होते हुए राज्य विशेष की ज़िम्मेदारी संभालने का है. | इससे जुड़ी ख़बरें मायावती पर मुक़दमे की अनुमति नहीं05 जून, 2007 | भारत और पड़ोस नए निज़ाम के दरबार में पुराने दरबारी25 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'सभी नियमविरुद्ध फ़ैसलों की समीक्षा'25 मई, 2007 | भारत और पड़ोस सतीश मिश्रा मंत्रिमंडल में शामिल16 मई, 2007 | भारत और पड़ोस मायावती ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली13 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||