|
नेपोलियन की तलवार की नीलामी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
फ्रांसीसी सम्राट नेपोलियन बोनापार्ट की सुनहरी तलवार 64 लाख डॉलर में नीलाम हुई है. नीलामीकर्ताओं का कहना है कि आख़िरी बार किसी लड़ाई में इस तलवार का इस्तेमाल 200 वर्ष पहले हुआ था, बताया जा रहा है कि यह नेपोलियन की अंतिम तलवार है जो निजी हाथों में है. नेपोलियन के पास तलवारों का एक बड़ा संग्रह था और उनकी ज्यादातर तलवारें संग्रहालयों में मौजूद हैं. इस तलवार पर सोने से खूबसूरत नक़्क़ाशी की गई है, चालीस इंच लंबी इस तलवार की धार मुड़ी हुई है. माना जाता है कि नेपोलियन के इस तलवार की डिज़ाइन की प्रेरणा मिस्र से ली गई है. नेपोलियन ने जब मिस्र पर आक्रमण किया तो उसकी नज़र अरबों की तलवारों पर गई जिनकी धार मुड़ी हुई होती थी जिनसे विरोधी सैनिक का सिर काटना आसान होता था. बताया जाता है कि नेपोलियन ने इस तलवार का इस्तेमाल जून 1800 में मारेंगो की लड़ाई में किया था, नेपोलियन ने अचानक हमला करके ऑस्ट्रियाई सेना को इटली से खदेड़ दिया था. इसके बाद नेपोलियन ने अपने भाई को यह तलवार शादी के उपहार में दे दी थी जिसके बाद से यह तलवार पीढ़ी दर पीढ़ी परिवार की विरासत का हिस्सा रही है. इस समय इस तलवार के आठ वारिस जीवित हैं जो नेपोलियन के भाई के वशंज हैं. इस तलवार की नीलामी फाउंटेब्लू क़िले में हुई जिसे नेपोलियन आरामगाह की तरह इस्तेमाल किया करते थे. इस तलवार को 1978 में राष्ट्रीय धरोहर घोषित कर दिया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें 200 साल बाद अंतिम संस्कार01 जून, 2003 | पहला पन्ना नेपोलियन की मौत कैसे हुई?11 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना टीपू की मशहूर तलवार भारत लौट आई07 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस गढ़वाल की तलवारों की बात ही कुछ और17 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस टीपू की तलवार नीलाम हुई | भारत और पड़ोस | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||