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कोहली के प्रत्यर्पण का रास्ता साफ़ | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
दिल्ली की एक अदालत ने हैना फ़ॉस्टर की बलात्कार के बाद हत्या के मामले में अभियुक्त मनिंदर सिंह कोहली को ब्रिटेन प्रत्यर्पित करने की अनुमति दे दी है. दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने यह शर्त भी रखी है कि प्रत्यर्पण से पहले ब्रिटेन को यह वादा करना होगा कि वहाँ उसे दोषी पाए जाने के बाद भी 'मौत की सज़ा' नहीं दी जाएगी. ब्रिटेन की पुलिस ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस मामले में भारतीय अधिकारियों ने तत्परता से काम किया है. मार्च, 2003 में ब्रिटेन में ही 17 वर्षीय हैना फ़ॉस्टर के साथ बलात्कार करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई थी. शक की सुई 36 वर्षीय मनिंदर पाल कोहली पर गई, जो इस घटना के दो दिन बाद ही अपने परिवार के साथ भारत के लिए रवाना हो गए थे. 'पर्याप्त सबूत' अदालत ने अपने आदेश में कहा है कि कोहली के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत हैं जिसके आधार पर उनके प्रत्यर्पण की अनुमति दी जाती है. ब्रितानी पुलिस ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है, "हम इस सकारात्मक प्रगति से खुश हैं और प्रत्यर्पण के अनुरोध पर भारतीय अधिकारियों ने जिस तत्परता से काम किया उसके लिए उनके आभारी हैं. हम उम्मीद करते हैं कि कोहली जल्दी ही ब्रिटेन आएँगे और उनके ख़िलाफ़ हैना की हत्या का मुक़दमा चलेगा." कोहली के प्रत्यर्पण के लिए हैना के माता-पिता ने पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर की थी. शुक्रवार को फ़ैसला सुनाते हुए जस्टिस कामिनी लॉ ने कहा कि कोहली के प्रत्यर्पण के लिए पर्याप्त सबूत हैं. पुलिस ने मनिंदर पाल सिंह कोहली को तीन साल पहले पश्चिम बंगाल की नेपाल से लगी सीमा पर कालिमपोंग के एक होटल से गिरफ़्तार किया था. तब उन्होंने हैना से जान-पहचान तो स्वीकार कर ली थी लेकिन बलात्कार और हत्या में अपना हाथ होने से इनकार किया था. हैना के माता-पिता ट्रेवर और हिलैरी अपनी बेटी के कथित हत्यारे मनिंदर पाल कोहली की तलाश में भारत की यात्रा पर भी आ चुके हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें हैना का कथित हत्यारा गिरफ़्तार14 जुलाई, 2004 | भारत और पड़ोस प्रत्यर्पण पर भारत-पाकिस्तान में मतभेद02 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस क्वात्रोकी के प्रत्यर्पण की कोशिशें तेज़25 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस ब्रिटेन ने रउफ़ के प्रत्यर्पण की माँग की28 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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