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मुठभेड़ में पुलिस अधिकारी की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जम्मू-कश्मीर पुलिस और चरमपंथियों के बीच हुई गोलीबारी में पुलिस उपाधीक्षक शैली सिंह की गोली लगने से घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई है. यह घटना मुख्यमंत्री गुलाम नबी आज़ाद के गृह ज़िले डोडा के जंगल भरे पहाड़ी इलाक़े उदराना में हुई. पुलिस को सूचना मिली थी कि लश्करे तैबा के चरमपंथी जंगल में छिपे हैं जिसके बाद पुलिस ने वहाँ धावा बोला था, पुलिस के वहाँ पहुँचने पर चरमपंथियों ने गोलीबारी शुरू कर दी जिसमें डीएसपी शैली सिंह मारे गए. डोडा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मनोहर सिंह ने बीबीसी को बताया है कि मुठभेड़ अब भी जारी है और दोनों तरफ़ से गोलियाँ चलाई जा रही हैं. पुलिस ने सेना की मदद माँगी है और उस इलाक़े की चारों तरफ़ से घेराबंदी कर दी गई है. मनोहर सिंह ने बताया कि कम से कम दो चरमपंथी वहाँ छिपे हुए हैं जो रह-रहकर गोलियाँ चला रहे हैं. जम्मू से बीबीसी संवाददाता बीनू जोशी का कहना है कि सेना के वहाँ अच्छी तरह मोर्चा जमाने के बाद गुरुवार तड़के ज़ोरदार हमला किए जाने की संभावना है. इस मामले में अभी तक किसी चरमपंथी के मारे जाने की कोई सूचना नहीं है. डीएसपी शैली सिंह जम्मू-कश्मीर पुलिस में चरमपंथ विरोधी कार्रवाइयों के विशेषज्ञ माने जाते थे. एसएसपी मनोहर सिंह ने बताया कि कुछ समय पहले ही शैली सिंह की सगाई हुई थी और दो महीने बाद उनकी शादी होने वाली थी. | इससे जुड़ी ख़बरें कश्मीर में बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त06 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'सैन्य वापसी के बिना संघर्षविराम नहीं'04 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस मीरवाइज़ की सलाह: सरकार को परखें04 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस फ़र्ज़ी मुठभेड़ मामले की सेना करेगी जाँच04 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस जम्मू में मुठभेड़, दो सैनिकों की मौत29 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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