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'सच्चा सौदा' के ख़िलाफ़ कार्रवाई की माँग | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में सिखों के पाँच वरिष्ठ धार्मिक नेताओं ने गुरू गोविंद सिंह की कथित अवमानना करने के लिए 'डेरा सच्चा सौदा' पंथ के अनुयायियों का सामाजिक बहिष्कार करने का आहवान किया है. उधर सिखों और डेरा सच्चा सौदा के अनुयायियों के बीच मतभेद की वजह से पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में गुरूवार को चौथे दिन भी तनाव रहा. सिखों के पाँच वरिष्ठ धार्मिक नेताओं ने गुरूवार को भटिंडा के तलवंडी सैबो में अहम बैठक की और पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि वह "सिख विरोधी गतिविधियों" के लिए डेरा सच्चा सौदा के ख़िलाफ़ दस दिन के भीतर ठोस कार्रवाई करे. इन नेताओं ने कहा है, "यह अवधि गुज़र जाने के बाद सिख ख़ुद ही डेरा सच्चा सौदा के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे." शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीजी) को पंजाब में डेरा सच्चा सौदा और उसके अनुयायियों की गतिविधियों पर नज़र रखने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है. पाँच वरिष्ठ धार्मिक नेताओं की इस बैठक की अध्यक्षता अकाल तख़्त के जत्थेदार जोगिंदर सिंह वेदांती ने की जिन्होंने पत्रकारों को बताया कि भटिंडा और कुछ अन्य स्थानों पर सिखों पर कथित रूप से हमला करने के आरोप में हरियाणा के सिरसा में स्थित डेरा सच्चा सौदा के ख़िलाफ़ मामला दर्ज किए जाने की माँग भी की गई. सिरसा सिरसा से ख़बरें मिली हैं कि डेरा सच्चा सौदा के मुखिया गुरमीत राम रहीम सिंह ने रणनीति पर विचार करने के लिए अपने वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक बुलाई. डेरा के सूत्रों ने कहा कि उनके कार्यकर्ता तलवंडी सैबो गुरूद्वारा में हुई बैठक के फ़ैसले का इंतज़ार कर रहे थे. तलवंडी सैबो गुरूद्वारा में इस बैठक से पहले ही पंजाब के विभिन्न हिस्सों से आए अनेक सिख वहाँ इकट्ठा हो गए जो तलवारों, लोहे की छड़ों और बंदूकों से लैस थे. उनमें से कुछ लोग पाँच वरिष्ठ धार्मिक नेताओं के इस फ़ैसले से संतुष्ट नहीं थे और उन्होंने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर करने के लिए हवा में गोलियाँ भी चलाईं. प्रदर्शन और बंद सिख प्रदर्शनकारियों ने पंजाब और हरियाणा के अमृतसर, पटियाला, करनाल और यमुना नगर सहित अनेक स्थानों पर मार्च निकाला. सिखों के पवित्र शहर अमृतसर में आंशिक बंद भी रखा गया. स्वर्ण मंदिर के आसपास के इलाक़े में पूरी तरह बंद रखा गया.
अमृतसर के पुराने शहर इलाक़े से बाहर भी कुछ दुकानदारों ने एहतियात के तौर पर अपनी दुकानें बंद रखीं. अमृतसर के पुलिस प्रमुख कंवर विजय प्रताप सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि शहर में स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में थी और किसी अप्रिय घटना का कोई समाचार नहीं था. तरनतारन ज़िले में पूरी तरह से बंद रखा गया और वहाँ स्थिति तनावपूर्ण बताई गई. सुबह से ही वहाँ भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात कर दिए गए थे. यह विवाद तब भड़का जब डेरा सच्चा सौदा संप्रदाय के मुखिया गुरमीत राम रहीम सिंह कुछ अख़बारों में छपे एक विज्ञापन में सिखों के दसवें गुरू गोविंद सिंह की वेशभूषा में नज़र आए. उसके बाद दो दिन के दौरान डेरा सच्चा सौदा के मतावलंबियों और सिखों के बीच पंजाब और दिल्ली के अनेक हिस्सों में झड़पें हो चुकी हैं. लेकिन गुरमीत राम रहीम सिंह ने इन आरोपों का खंडन किया था कि उन्होंने गुरू गोविंद सिंह की किसी भी तरह से अवमानना की है. उनका कहना था कि उन्होंने तो सिर्फ़ वो वेशभूषा पहन ली जो उन्हें एक अनुयायी ने दी थी. गुरमीत राम रहीम सिंह ने इन आरोपों का खंडन भी किया कि अनुयायियों के बीच 'अमृत' जैसी चीज़ नहीं वितरित की गई, जैसाकि कुछ लोग कह रहे हैं, बल्कि सिर्फ़ दूध और रूह अफ़्ज़ा का शरबत वितरित किया गया था और इसके लिए माफ़ी मांगने की कोई ज़रूरत नहीं है. | इससे जुड़ी ख़बरें पंजाब के कई शहरों में रोष प्रदर्शन, तनाव 15 मई, 2007 | भारत और पड़ोस सिख धार्मिक नेताओं ने बैठक बुलाई16 मई, 2007 | भारत और पड़ोस राजनीति में भ्रष्टाचार पर भट्टी का व्यंग्य25 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पंजाब में भी मिले बच्चों के शव11 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस तीन राज्यों में फ़रवरी में होंगे चुनाव29 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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