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भारत-रूस वायुसीमा विवाद समाप्त | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत और रूस के बीच एक-दूसरे की वायुसीमा के उपयोग को लेकर जारी विवाद अब सुझल गया है. भारत ने रूसी विमानों के भारतीय वायुसीमा में प्रवेश करने प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन फिर कुछ ही घंटों बाद प्रतिबंध को वापस ले लिया. भारतीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय की प्रवक्ता मौसमी चक्रवर्ती ने बताया, "रूस ने 15 जून के बाद उसकी हवाईसीमा में भारतीय विमानों के न प्रवेश करने संबंधी फ़ैसले को वापस ले लिया है, इसके बाद भारत ने भी प्रतिबंध हटा लिया." दोनों देशों के बीच एक-दूसरे की हवाईसीमा के इस्तेमाल से संबंधित समझौते की अवधि 15 जून को ही ख़त्म हो रही है. मौसमी चक्रवर्ती ने कहा है कि अगर रूस दोबारा प्रतिबंध लगाता है तो भारत को ये अधिकार होगा कि वो भी अपना फ़ैसला बदल सके. रूसी अधिकारियों ने इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है. रूस पर प्रतिबंध वापस लेने से पहले मौसमी चक्रवर्ती ने बीबीसी से बातचीत में कहा था, "हमें आश्चर्य हुआ था कि रूसी अधिकारियों ने अपने फ़ैसले की जानकारी अपने सरकारी एयरलाइन एयरोफ़्लॉट की उड़ान से चिट्ठी भेजकर भारत को दी. उन्हें भारतीय अधिकारियों से सीधे बात करनी चाहिए थी." भारतीय अधिकारियों को एतराज़ इस बात पर था कि रुस सरकार ने अपने फ़ैसले की जानकारी सीधे भारतीय अधिकारियों को नहीं दी. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत में उतरा ए-380 विमान06 मई, 2007 | भारत और पड़ोस अगर विमान सड़क पर फंस जाए तो...04 मई, 2007 | भारत और पड़ोस भारत ने इंडोनेशिया के आरोप ख़ारिज किए13 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना पीआईए के विमानों पर लगा प्रतिबंध06 मार्च, 2007 | पहला पन्ना यात्रियों ने विमान अपहरणकर्ता को दबोचा16 फ़रवरी, 2007 | पहला पन्ना अंग्रेज़ी नहीं तो विमान उड़ाने पर रोक15 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पहली बार उड़ने से पहले...09 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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