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आईआईएम फ़ैसले का इंतज़ार करेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अन्य पिछड़े वर्गों को आरक्षण के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला आने तक अगले वर्ष के पोस्ट ग्रैजुएट पाठ्यक्रमों के लिए उत्तीर्ण छात्रों की सूची जारी नहीं करेगा. आईआईएम ने केंद्र सरकार के निर्देश पर ये फ़ैसला लिया है. आरक्षण मामले में सुप्रीम कोर्ट 23 अप्रैल को सुनवाई करेगा. इसी मुद्दे पर प्रबंधन संस्थानों की एक बैठक शुक्रवार को दिल्ली में होनी थी जिसे टाल दिया गया है. आईआईएम अहमदाबाद ने एक बयान जारी कर कहा है कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय के निर्देश पर और यह देखते हुए आरक्षण का मामला कोर्ट में है हमने एडमिशन के मामले में इंतज़ार करने का फ़ैसला किया है. इससे पहले प्रबंधन संस्थानों ने शनिवार की समय सीमा तय की थी लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की तारीख 23 अप्रैल रखी और प्रबंधन संस्थानों को अपनी तारीखें टालनी पड़ी हैं. इस मामले में दिक्कत यह है कि जब तक पिछड़े वर्गों को 27 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा पूरी तरह सुलझ नहीं जाता तब तक एडमिशन को लेकर मुश्किलें बनी रहेंगी. इस मुद्दे पर कोर्ट और सरकार आमने सामने है. जहां कोर्ट यह कहती रही है कि पहले पिछड़े वर्गों के पिछड़ेपन संबंधी पर्याप्त रिकार्ड होने चाहिए वहीं सरकार जल्द से जल्द आरक्षण देने के पक्ष में है. | इससे जुड़ी ख़बरें आईआईएम में लालू पर अध्ययन 26 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस लालू प्रसाद ने दी प्रबंधन की शिक्षा18 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण विरोधी प्रदर्शन ने ज़ोर पकड़ा24 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण संबंधी विधेयक लोकसभा में पेश 25 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस ग़ैरसहायता प्राप्त संस्थानों में भी आरक्षण 30 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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