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ग़ैरसहायता प्राप्त संस्थानों में भी आरक्षण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्र सरकार ग़ैरसहायता प्राप्त संस्थानों में भी पिछड़ी जातियों के आरक्षण के लिए एक विधेयक लाने की योजना बना रही है. मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' यथा समय एक और विधेयक लाया जाएगा और आप इस बारे में जान जाएंगे.'' ग़ौरतलब है कि संसद के मॉनसून सत्र में उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुसूचित जाति, जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण से संबंधी पेश किया गया था. इस पर संसद की स्थाई समिति विचार कर रही है. इस विधेयक के तहत आईआईटी और आईआईएम जैसे उच्च शिक्षा संस्थानों और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में आरक्षण का प्रावधान होगा. इसमें अन्य पिछड़े वर्गों के लिए 27 प्रतिशत तक के आरक्षण की व्यवस्था है. इस विधेयक के विरोध में दिल्ली के मेडिकल छात्र एक दिन के सामूहिक अवकाश पर रहे थे और उन्होंने जंतर मंतर पर प्रदर्शन भी किया था. उल्लेखनीय है कि कुछ समय पहले जब मानव संसाधन मंत्री अर्जुन सिंह ने केंद्र सरकार की सहायता से चलने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों में पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की बात कही थी तो काफ़ी हंगामा हुआ था. इसके विरोध में दिल्ली और कई शहरों के मेडिकल छात्र और डॉक्टर हड़ताल पर चले गए थे. | इससे जुड़ी ख़बरें 'आरक्षण संवैधानिक सच्चाई है'21 मई, 2006 | भारत और पड़ोस दिल्ली में आरक्षण विरोधी रैली20 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण के मुद्दे पर लोक सभा में चर्चा16 मई, 2006 | भारत और पड़ोस 'आरक्षण का फ़ैसला नहीं बदलेगा'16 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण:दिल्ली में डॉक्टर हड़ताल पर12 मई, 2006 | भारत और पड़ोस चुनाव आयोग ने अर्जुन को 'बरी' किया10 मई, 2006 | भारत और पड़ोस आरक्षण मुद्दे पर फिर विवाद उठा08 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस किसके ज़िम्मे है सामाजिक न्याय का प्रश्न12 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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