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बांग्लादेश में छह चरमपंथियों को फाँसी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में छह इस्लामी चरमपंथियों को फाँसी दे दी गई है. इन्हें दो साल पहले देश भर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों का दोषी पाया गया था. जिन्हें फाँसी दी गई है, उनमें प्रतिबंधित इस्लामी संगठन 'जाग्रत मुस्लिम जनता बांग्लादेश' के प्रमुख सिद्दिकुल इस्लाम बंगला भाई और 'जमायतुल मुजाहिदीन' के मुखिया शेख़ अब्दुर रहमान शामिल हैं. एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि इन लोगों को देश के अलग-अलग जेलों में फाँसी दी गई. पहले तय योजना के मुताबिक इन्हें अप्रैल में फाँसी दी जानी थी लेकिन सरकार ने बिना पूर्व चेतावनी के छह चरमपंथियों को फाँसी दी है क्योंकि ऐसा करने से जीएमबी के सक्रिय समर्थक बदले की कार्रवाई कर सकते थे. हालाँकि एहतियात के तौर पर पूरे देश में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. राजधानी ढाका में पुलिस और सेना के जवान गश्त लगा रहे हैं. हमले वर्ष 2005 के आख़िरी पाँच महीनों में बांग्लादेश में 400 से ज़्यादा धमाके हुए थे जिनमें 30 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और 100 से ज़्यादा घायल हुए थे. हमलावरों ने दुकानों, रेस्तराओं और अदालतों को निशाना बनाया था. जिन स्थानों पर हमले किए गए वहाँ से बरामद पर्चों में इस्लामी चरमपंथी संगठन जमात उल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जीएमबी) ने बम धमाकों की ज़िम्मेदारी ली थी. इस संगठन के छह लोगों को दक्षिणी बांग्लादेश में दो जजों को हत्या करने का दोषी पाया गया था. जीएमबी ने तब कहा था कि वो बांग्लादेश में इस्लामी क़ानून लागू करने की लड़ाई लड़ रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें ख़ालिदा के बेटे को हिरासत में भेजा गया09 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस ख़ालिदा ज़िया का बेटा गिरफ़्तार08 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में जल्द चुनाव का आश्वासन22 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस आपातकाल के साथ ही सभी अटकलों पर विराम12 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस ढाका में प्रदर्शन और हिंसा जारी 09 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में 'चरमपंथी' गिरफ़्तारी02 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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