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दो माओवादी नेताओं का आत्मसमर्पण | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के नक्सल प्रभावित छत्तीसगढ़ और उड़ीसा राज्य में सक्रिय माओवादी विद्रोहियों के दो वरिष्ठ नेताओं ने आंध्र प्रदेश में आत्मसमर्पण कर दिया है. इनमें से एक दुर्गम रामानैया भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के कार्यकर्ताओं को हथियारों का प्रशिक्षण देते थे. पुलिस का कहना है कि रामानैया का आत्मसमर्पण महत्वपूर्ण है क्योंकि वो माओवादियों के मुख्य प्रशिक्षक थे और जगह-जगह पर प्रशिक्षण शिविर लगाने की ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे. रामानैया ने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है. वे आंध्र प्रदेश में भी काम कर चुके हैं. इसके बाद वो छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाक़े में चले गए थे. छत्तीसगढ़ में माओवादी काफ़ी सक्रिय हैं. इस महीने के शुरू में छत्तीसगढ़ में हुए माओवादी हमले में 55 पुलिसकर्मी मारे गए थे. रामानैया की पत्नी बेल्लमकोंडा सारक्का भी कमांडर थीं और विद्रोहियों के थिएटर ग्रुप में काम कर रही थीं. एक अन्य माओवादी नेता 55 वर्षीय संबैया ने कहा कि उन्होंने बढ़ती उम्र और ख़राब तबीयत के कारण आत्मसमर्पण करने का फ़ैसला किया. | इससे जुड़ी ख़बरें माओवादियों के बंद से जनजीवन प्रभावित20 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले में मृतकों की संख्या 55 हुई15 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस सांसद की हत्या की सीबीआई जांच04 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस बारूदी सुरंग में विस्फोट, आठ की मौत01 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस विस्फोट में पाँच सुरक्षाकर्मी घायल25 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस माओवादी गतिविधियों पर चिंता22 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'भारत और चीन से बराबर दूरी रखेंगे'10 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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