|
पंजाब-बादल, मणिपुर-इबोबी, उत्तराखंड-? | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
देश के तीन राज्यों में हुए चुनावों के बाद पंजाब और मणिपुर के लिए मुख्यमंत्रियों के नाम तय हो गए हैं लेकिन उत्तराखंड में अभी इस पद को लेकर खींचतान जारी है. पंजाब में जहां बीजेपी-शिरोमणि अकाली दल गठबंधन की ओर से शिरोमणि अकाली दल के प्रमुख प्रकाश सिंह बादल को मुख्यमंत्री बनाए जाने की घोषणा कर दी गई है वहीं मणिपुर में कांग्रेस ने इकराम इबोबी सिंह को मुख्यमंत्री बनाने का फ़ैसला किया है. उधर उत्तराखंड में जहां बीजेपी ने कांग्रेस को हराकर जीत हासिल की है, अभी तक मुख्यमंत्री पद के लिए किसी का नाम घोषित नहीं किया गया है. इस पद के लिए पार्टी के दो उम्मीदवारों के बीच टक्कर है. पूर्व केंद्रीय मंत्री भुवनचंद्र खंडूरी और प्रदेश में पार्टी के पूर्व प्रमुख भगत सिंह कोश्यारी. जहां खंडूरी के नाम की चर्चा कल से ही हो रही है वहीं कोश्यारी ने बुधवार को पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह से मिलकर अफ़वाहों को तूल दे दिया है. खंडूरी ने भी पार्टी अध्यक्ष से मुलाक़ात की है. पार्टी हलकों में चर्चा है कि खंडूरी को कोश्यारी से अधिक तरज़ीह दी जा रही है और सूत्रों के अनुसार कोश्यारी को उपमुख्यमंत्री पद का प्रस्ताव भी दिया गया है जिस पर वो नहीं मान रहे हैं. खंडूरी लोकसभा सदस्य हैं जबकि कोश्यारी को उत्तराखंड में ज़मीनी स्तर पर बहुत मज़बूत नेता माना जाता है. शायद यही कारण है कि पार्टी खंडूरी को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कोश्यारी पर अड़े हुए हैं. पार्टी ने गोपीनाथ मुंडे और ओमप्रकाश माथुर को केंद्रीय पर्यवेक्षक बनाया है जो उत्तराखंड के विधायकों से मिलकर मुख्यमंत्री का नाम तय करेंगे.
उत्तराखंड की 70 सीटों में से 69 पर चुनाव हुए थे जिसमें कांग्रेस को 21 और बीजेपी को 34 सीटें मिली हैं जो बहुमत से एक कम है. पंजाब और मणिपुर पंजाब और मणिपुर में मुख्यमंत्रियों के नाम तय हो चुके है. पंजाब में प्रकाश सिंह बादल जल्दी ही सरकार बनाने का दावा पेश करने वाले हैं और वो शुक्रवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. अकाली दल और बीजेपी के विधायकों की एक बैठक में बादल के नाम पर सहमति बनी. बादल ने इस बैठक के बाद कहा कि मुख्यमंत्री बनने के बाद वो बदले की राजनीति नहीं करेंगे जैसा कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने किया था. अस्सी वर्षीय बादल चौथी बार पंजाब के मुख्यमंत्री बनेंगे. इससे पहले वो 1970-71 में 15 महीनों के लिए, 1977-80 में 32 महीनों के लिए और 1997-02 में पांच साल के लिए मुख्यमंत्री रहे हैं. 117 सीटों वाली पंजाब विधानसभा के 116 सीटों के लिए मतदान हुआ था. इसमें से सिर्फ़ 44 सीटें ही कांग्रेस को मिल सकी हैं. जबकि भाजपा ने पंजाब में अपने प्रदर्शन में गुणात्मक सुधार करते हुए 19 सीटों में जीत हासिल की है. भाजपा ने 23 सीटों पर चुनाव लड़ा था. अकाली दल को 48 सीटें मिली हैं. मणिपुर में कांग्रेस नेता ओकराम इबोबी सिंह संभवत गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. इबोबी सिंह ने देर शाम राज्यपाल से मुलाक़ात करके सरकार के गठन का दावा पेश किया और कहा कि वो राष्ट्रीय जनता दल और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के साथ मिलकर सरकार बनाएंगे. 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस को 29, राजद को तीन और सीपीआई को चार सीटें मिली हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बेरोज़गारी और विकास है मुद्दा19 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तराखंड की चाबी सपा-बसपा के हाथ!20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तराखंड में 55 प्रतिशत मतदान20 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस उत्तराखंड में विधायकों का ‘रिपोर्ट कार्ड’ 05 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच होगी: बादल10 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पंजाब में दिग्गजों को मिल रही है टक्कर11 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पंजाब में मतदान संपन्न हुआ12 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस पंजाब में लगभग 60 फ़ीसदी मतदान13 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||