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खेलों का प्रसारण दूरदर्शन पर अनिवार्य | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक ऐसा अध्यादेश लाने का निर्णय लिया है जिसके तहत प्रमुख खेल प्रतियोगिताओं का राष्ट्रीय चैनलों पर प्रसारण करना अनिवार्य कर दिया जाएगा. मंत्रिमंडल के निर्णय के अनुसार जिस किसी भी निजी चैनल को प्रसारण अधिकार मिला हो उसे अपना प्रसारण प्रसार भारती के साथ बाँटना होगा. इस अध्यादेश के तहत अब भारत और भारत के बाहर होने वाले उन सभी खेलों के प्रसारण दूरदर्शन और आकाशवाणी पर किए जा सकेंगे जो राष्ट्रीय महत्व के होंगे. मंत्रिमंडल के इस महत्वपूर्ण फ़ैसले की जानकारी सूचना और प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने दी. यह पूछे जाने पर कि क्या यह निर्णय आने वाले दिनों में भारत-श्रीलंका सिरीज़ पर भी लागू होगा तो दासमुंशी का कहना था कि अध्यादेश जल्दी ही लागू किया जाएगा. दासमुंशी ने बताया कि एक तकनीकी समिति का गठन किया जाएगा जिसमें बीसीसीआई के सदस्यों को भी शामिल किया जाएगा. यह समिति तय करेगी कि कौन से खेल राष्ट्रीय महत्व के हैं. उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों भारत और वेस्टइंडीज़ के बीच क्रिकेट शृंखला के दौरान प्रसारण अधिकारों को लेकर काफी विवाद हुआ था. असल में ये अधिकार निम्बस नाम की कंपनी को मिले थे और वो दूरदर्शन को कुछ शर्तों के साथ ही मैचों के प्रसारण की अनुमति देना चहता था. इसका परिणाम ये हुआ कि प्रसार भारती ने अदालत में इसके ख़िलाफ़ अपील की और बाद में निम्बस सात मिनट की देरी से दूरदर्शन को मैच प्रसारित करने का अधिकार देने पर राज़ी हुआ था. देश में क्रिकेट की लोकप्रियता को देखते हुए इन्हीं दिनों सरकार ने कहा था कि वो जल्दी ही ऐसा अध्यादेश लाएगी जिसके तहत ये सुनिश्चित किया जाएगा कि महत्वपू्र्ण खेल आयोजनों का प्रसारण राष्ट्रीय चैनलों पर भी हो. इस अध्यादेश के आने से भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड यानी बीसीसीआई के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं क्योकि बीसीसीआई ने भारत के मैचों के अधिकार करोड़ों रुपए में विभिन्न कंपनियों को बेचे हैं. अब इन कंपनियों को प्रसारण अधिकार प्रसार भारती को भी देने होंगे जिससे विज्ञापनों से जुड़ी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं. हालाँकि सरकार के इस फ़ैसले से अब देश के करोड़ों लोग क्रिकेट और अन्य महत्वपूर्ण खेल आयोजनों का आनंद देश के राष्ट्रीय चैनलों पर ले सकेंगे. | इससे जुड़ी ख़बरें दूरदर्शन पर दिखाए जाएँगे क्रिकेट मैच24 फ़रवरी, 2005 | खेल प्रोडक्शन अधिकार टीडब्ल्यूआई को 01 मार्च, 2005 | खेल प्रसार भारती को प्रसारण अधिकार20 अक्तूबर, 2005 | खेल क्रिकेट मैच प्रसारण का विवाद उलझा22 जनवरी, 2007 | खेल दूरदर्शन पर प्रसारण सात मिनट देर से23 जनवरी, 2007 | खेल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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