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असम में धमाका, एक की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अधिकारियों का कहना है कि असम के बारपेटा ज़िले के बोरोही इलाक़े में हुए विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई. इस धमाके में कम से कम तीन अन्य लोग घायल हो गए हैं. हालांकि इअस हमले की किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है लेकिन पुलिस का कहना है कि इसके पीछे प्रतिबंधित संगठन अल्फ़ा का हाथ होने का संदेह है. इसके पहले अल्फ़ा विद्रोहियों ने डिग्बोई में एक ग्राम पंचायत के कांग्रेस नेता की हत्या कर दी और पश्चिमी असम के बॉंगाइगाँव नगर में एक रेलवे कालोनी में बम धमाका किया जिसमें तीन हिंदी भाषी लोग घायल हो गए. पिछले कुछ दिनों में अल्फ़ा ने राज्य में कई जगहों पर बाज़ारों और तेल पाइपलाइनों पर हमले करने की ज़िम्मेदारी ली है. यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ़ असम यानी अल्फ़ा के हाल में किए गए हमलों में तीन लोग मारे गए थे. शनिवार को राजधानी गुवाहाटी में हुए एक विस्फोट में एक व्यक्ति मारा गया था और शिवसागर ज़िले में हुए विस्फोट में तेल पाइपलाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुई थी. पुलिस के अनुसार लगभग दो हफ़्ते पहले अल्फ़ा विद्रोहियों ने 70 हिंदी भाषी लोगों की हत्या कर दी थी. इसके बाद भारतीय सेना के हज़ारों सैनिकों ने अल्फ़ा के ख़िलाफ़ अभियान शुरु कर दिया था. प्रेक्षकों का मानना है कि केंद्र सरकार पर दबाव बनाने और सैन्य अभियान रुकवाने के मकसद से अल्फ़ा ने हाल में हिंसक गतिविधियाँ तेज़ कर दी हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें 'अल्फ़ा हिंसा छोड़े तो बातचीत संभव'12 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अल्फ़ा के ख़िलाफ़ बर्मा से सहयोग10 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अल्फा के ख़िलाफ़ सैनिक अभियान09 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस असम में सैनिक छावनी के पास धमाका08 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस असम में हिंसा जारी, तनाव का माहौल07 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस असम में हिंसा, 48 लोग मारे गए06 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस असम शांति वार्ता शुरु करने की कोशिश13 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस असम में संघर्षविराम ख़त्म, कार्रवाई शुरु24 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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