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नर्मदा बाँध से बिजली उत्पादन शुरू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात में नर्मदा नदी पर बने विवादित सरदार सरोवर बाँध से बिजली उत्पादन का काम शुक्रवार को शुरू हो गया. इस बाँध को पूरा होने में दो दशकों का वक्त लग गया. इस बाँध के निर्माण का काम इस वर्ष की शुरुआत में ही पूरा हुआ है. शुक्रवार को बाँध से बिजली उत्पादन के काम का उद्घाटन करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे देश को समर्पित किया. बाँध परियोजना से जुड़े अधिकारी यह दावा करते रहे हैं कि सरदार सरोवर बाँध का काम पूरा हो जाने के बाद चार राज्यों, गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के लाखों लोगों को पीने का पानी मिल सकेगा. साथ ही इन राज्यों की बिजली और सिचाई की ज़रूरत को भी पूरा किया जा सकेगा. बाँध के निर्माण का विरोध करने वालों का कहना है कि इसकी वजह से कम से कम 35 हज़ार लोग विस्थापित हो गए हैं. नर्मदा नदी पर बना सरदार सरोवर बाँध 1250 मीटर लंबा और 122 मीटर ऊँचा है. वर्ष 1987 में इस बाँध पर काम शुरू हुआ था. राजनीतिक पैतरा मोदी इस मौके का राजनीतिक इस्तेमाल करने से भी नहीं चूके.
उन्होंने बाँध का उद्घाटन करते हुए केंद्र सरकार के सामने माँग रखी कि बाँध का काम पूरा करने के लिए राज्य सरकार ने जो कर्ज़ लिया है उसपर आने वाला ब्याज माफ़ कर दिया जाए. उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो जो पैसा बचेगा उसका इस्तेमाल आदिवासियों के विकास के लिए किया जाएगा. मोदी की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आदिवासी बाहुल्य इलाके पंचमहल में शनिवार को एक रैली को संबोधित करने वाली हैं. इस वर्ष राज्य में चुनाव होने हैं और कांग्रेस इससे पहले आदिवासी क्षेत्रों में अपना खोया हुआ जनाधार फिर से हासिल करना चाहती है. ग़ौरतलब है कि इस समारोह में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री ही पहुँचे, राजस्थान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री इस समारोह में शामिल नहीं हुए. जहाँ एक ओर राज्य कांग्रेस ने इस कार्यक्रम का बहिष्कार किया वहीं दूसरी ओर राज्य के दो अन्य भाजपा नेता केशूभाई पटेल और सुरेश मेहता भी इस समारोह में शामिल नहीं हुए. | इससे जुड़ी ख़बरें आमिर ने माफ़ी माँगने से इनकार किया25 मई, 2006 | पत्रिका 'पुनर्वास और निर्माण साथ-साथ हों'17 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस मेधा पाटकर ने भूख हड़ताल समाप्त की17 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस जागरुक हो रहा है मध्य वर्ग?16 अप्रैल, 2006 | भारत और पड़ोस नर्मदा बचाओ आंदोलन के बीस बरस24 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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