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'मुल्ला उमर पाकिस्तान में छिपे हैं' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में गिरफ़्तार किए गए तालेबान के प्रवक्ता मोहम्मद हनीफ़ ने कहा है कि तालेबान के नेता मुल्ला उमर पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई के संरक्षण में हैं. मोहम्मद हनीफ़ ने अफ़ग़ान सुरक्षा एजेंटों से पूछताछ में यह बात कही है. इस बातचीत की वीडियो फ़िल्म बनाई गई है. इस वीडियो फ़िल्म में मोहम्मद हनीफ़ को एक कम रोशनी वाले कमरे में बैठे हुए दिखाया गया है और वह पूछताछ करने वाले एजेंटों को बताते हैं कि मुल्ला उमर पाकिस्तान के क्वेटा शहर में हैं. संवाददाताओं ने पुष्टि की है कि यह आवाज़ मोहम्मद हनीफ़ की ही है. ग़ौरतलब है कि मुल्ला उमर अफ़ग़ानिस्तान पर अक्तूबर 2001 में अमरीकी नेतृत्व वाले विदेशी गठबंधन के हमले के बाद से ग़ायब हो गए थे और उसके बाद नहीं देखे गए हैं. पाकिस्तान इन दावों का खंडन करता है कि मुल्ला उमर उमर किसी पाकिस्तानी इलाक़े में छुपे हुए हैं. निराधार अफ़ग़ानिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी ने मोहम्मद हनीफ़ से हुई बातचीत की वीडियो सीडी बुधवार को पत्रकारों को बाँटी. हालाँकि पत्रकारों ने यह पुष्टि की है कि वीडियो सीडी में यह आवाज़ तालेबान प्रवक्ता मोहम्मद हनीफ़ की है लेकिन उन्होंने किन हालात में यह बयान दिया है, इस बारे में अभी कुछ पता नहीं चला है. वीडियो में वह कमरे में बैठे हुए नज़र आते हैं और धीमी आवाज़ में बातचीत करते हैं. मुल्ला उमर के बारे में पूछे जाने पर मोहम्मद हनीफ़ कहते हैं, "वह क्वेटा में रहते हैं. उन्हें आईएसआई का संरक्षण प्राप्त है." आईएसआई पाकिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी है. अफ़ग़ानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करज़ई ने इसी तरह के आरोप साल 2006 में लगाए थे कि मुल्ला उमर पाकिस्तान में छुपे हुए हैं. मोहम्मद हनीफ़ इस वीडियो सीडी में यह भी दावा करते हैं कि आईएसआई के पूर्व मुखिया हमीद गुल अफ़ग़ान और विदेशी सैनिकों के ख़िलाफ़ लड़ाई में तालेबान का समर्थन कर रहे हैं. तालेबान और आईएसआई ग़ौरतलब है कि अफ़ग़ानिस्तान में 1989 में रूसी सैनिकों को बाहर निकाले जाने के बाद गृह युद्ध शुरू हो गया था और उसके बाद काफ़ी उथल-पुथल के बाद तालेबान ने सत्ता हथियाई थी जिसमें आईएसआई का काफ़ी सहयोग रहा था.
पाकिस्तान के आंतरिक सुरक्षा मंत्री आफ़ताब अहमद ख़ान शेरपाओ ने समाचार एजेंसी एपी से कहा है कि यह दावा बिल्कुल निराधार है कि "मुल्ला उमर क्वेटा में हैं, मुल्ला उमर के पते-ठिकाने के बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है, वह पाकिस्तान में नहीं हैं." शेरपाओ ने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान की ख़ुफ़िया एजेंसी तालेबान के कथित प्रवक्ता को गिरफ़्तार किए जाने के बाद से ही विरोधाभासी बयान देती रही है. हम नहीं जानते कि यह आदमी कौन है और उसे कहाँ से गिरफ़्तार किया गया है." अफ़ग़ान ख़ुफ़िया एजेंटों ने कहा है कि मोहम्मद हनीफ़ को पाकिस्तानी सीमा के निकट नंगरहर प्रांत में किसी इलाक़े से सोमवार को गिरफ़्तार किया गया था. मोहम्मद हनीफ़ के साथ यात्रा करने वाले दो अन्य व्यक्तियों को भी पकड़ा गया था. मोहम्मद हनीफ़ हाल के वर्षों में काफ़ी सक्रिय रहे हैं और कहा जाता है कि वह पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में विभिन्न घटनाओं के बारे में तालेबान का पक्ष रखने के लिए समाचार संगठनों को ईमेल करते थे. दक्षिणी अफ़ग़ानिस्तान में इसी तरह का काम क़ारी मोहम्मद यूसुफ़ नामक तालेबान नेता करते रहे हैं. तालेबान के पूर्व प्रवक्ता लतीफ़ुल्लाह हकीमी को अक्तूबर 2005 में पाकिस्तान के क्वेटा में गिरफ़्तार कर लिया गया था जिसके बाद से ये मोहम्मद हनीफ़ और क़ारी मोहम्मद यूसुफ़ को तालेबान का प्रवक्ता बनाया गया था. तालेबान ने भी मोहम्मद हनीफ़ की गिरफ़्तारी की पुष्टि कर दी है. पेशावर स्थित अफ़ग़ान इस्लामी प्रेस एजेंसी ने ख़बर दी है कि तालेबान ने बुधवार को अपने नया प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद को बनाने की घोषणा भी कर दी. | इससे जुड़ी ख़बरें तालेबान प्रवक्ता को 'गिरफ़्तार' किया गया16 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'पाक सीमा से तालेबान के हमले बढ़े'16 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस वज़ीरिस्तान में हवाई हमला16 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'संघर्ष में 150 तालेबान लड़ाके मारे गए'11 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'हमने बचाकर निकाला ओसामा को'11 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान ने 500 तालेबान को पकड़ा'15 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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