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तालेबान प्रवक्ता को 'गिरफ़्तार' किया गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अफ़ग़ानिस्तान में ख़ुफ़िया एजेंटों का कहना है कि उन्होंने तालेबान के प्रवक्ता को पाकिस्तान सीमा के पास 'गिरफ़्तार' किया है. ख़ुफ़िया विभाग के प्रवक्ता सईद अंसारी ने गिरफ़्तार किए गए तालेबान प्रवक्ता का नाम डॉक्टर मोहम्मद हनीफ़ बताया है. सईद अंसारी ने एपी को बताया कि तालेबान प्रवक्ता को सोमवार को हिरासत में लिया गया. सईद अंसारी ये नहीं बताया कि किस जगह पर हिरासत में रखा गया है. अगर डॉक्टर मोहम्मद हनीफ़ के पकड़े जाने की बात पुष्ट हो जाती है तो ये अफ़ग़ान सरकार के लिए बड़ी सफलता होगी. अधिकारियों का कहना है कि 2006 में अफ़ग़ानिस्तान में 3500 से ज़्यादा लोग मारे गए. इस दौरान तालेबान द्वारा होने वाली बमबारी और नैटो के अभियानों में काफ़ी तेज़ी आई. ख़ुफ़िया विभाग के प्रवक्ता ने कहा है कि डॉक्टर मोहम्मद हनीफ़ को तोवर खाम के सीमावर्ती कस्बे में पकड़ा गया. सईद अंसारी ने बताया कि प्रवक्ता ने पहले अपना नाम अब्दुलहक़ हक़ीक़ बताया. उन्होंने एपी को बताया, "पूछताछ के दौरान पता चला कि वे डॉक्टर मोहम्मद हनीफ़ हैं, उन्होंने ख़ुद स्वीकार किया कि वे मोहम्मद हनीफ़ हैं." पिछले साल डॉक्टर हनीफ़ काफ़ी सक्रिय रहे हैं और लगातार नए समाचार माध्यमों को तालेबान के नज़रिए वाली ई-मेल भेजते रहे हैं. अफ़ग़ानिस्तान के दक्षिणी हिस्से में यही काम तालेबान के लिए क़री मोहम्मद यूसुफ़ करते हैं. अक्तूबर 2005 में पूर्व तालेबान प्रवक्ता लतीफ़ुल्ला हक़ीमी के पकड़े जाने के बाद दो लोगों को नियुक्त किया गया था. | इससे जुड़ी ख़बरें वज़ीरिस्तान में हवाई हमला16 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'संघर्ष में 150 तालेबान लड़ाके मारे गए'11 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'हमने बचाकर निकाला ओसामा को'11 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान ने 500 तालेबान को पकड़ा'15 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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