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'संघर्ष में 150 तालेबान लड़ाके मारे गए' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में नैटो सैनिकों के साथ संघर्ष में लगभग 150 तालेबान लड़ाके मारे गए हैं. अफ़ग़ानिस्तान के एक सैनिक कमांडर ने कहा कि यह संघर्ष तब शुरू हुआ जब तालेबान लड़ाके पाकिस्तान से अफ़ग़ानिस्तान के पक़्तिका प्रांत में घुसने की कोशिश कर रहे थे. नैटो ने कहा है कि पाकिस्तान ने इन लड़ाकों पर नज़र रखने में नैटो की मदद की. इसके बाद सेना और नैटो के युद्धक विमानों ने तालेबान लड़ाकों पर हमले किए. अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने इससे पहले 80 लड़ाकों के मारे जाने की बात कही थी. एक अफ़ग़ान कमांडर जनरल मुराद अली ने कहा कि केवल 10 शव ही बरामद हुए हैं. उनके व्यक्तिगत आकलन के मुताबिक़ मरनेवालों की संख्या 50 के क़रीब हो सकती है. संख्या नैटो ने भी अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह 150 की संख्या पर कैसे पहुँची. जहाँ नैटो ने लड़ाकों के दो दलों के अफ़ग़ानिस्तान में घुसने की बात की है वहीं जनरल मुराद अली ने लड़ाकों के केवल एक दल के घुसने की पुष्टि की है. अभी तक तालेबान की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है. काबुल में नैटो के प्रवक्ता मेजर डोमिनिक व्हाइट ने बीबीसी को बताया कि अभी तक किसी नागरिक के मारे जाने की सूचना नहीं है. अफ़ग़ानिस्तान में आम नागरिकों का मारा जाना एक बहुत बड़ा मुद्दा रहा है. पिछले सप्ताह नैटो ने निर्दोष नागरिकों के मारे जाने को पिछले वर्ष की सबसे बड़ी ग़लती बताया था. राष्ट्रपति हामिद करज़ई भी तालेबान लड़ाकों पर हमले किए जाते समय नैटो पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें मुल्ला उमर ने जारी किया बयान29 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'बारूदी सुरंग बिछाने का प्रस्ताव ठीक नहीं'27 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'लादेन का क़रीबी कमांडर मारा गया'23 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नागरिकों की मौत पर भावुक हुए करज़ई10 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस लोगों का धैर्य ख़त्म हो रहा है: करज़ई08 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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