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एस्सार ख़रीद की दौड़ में हिंदुजा भी | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय औद्योगिक घराना हिंदुजा भी हचिसन एस्सार मोबाइल कंपनी की अधिकतम हिस्सेदारी ख़रीदने की दौड़ में शामिल हो गया है. इस दौड़ में रिलायंस और वोडाफ़ोन पहले से ही शामिल हैं. भारत का एस्सार ग्रुप जिसके पास पहले ही इसकी 33 प्रतिशत हिस्सेदारी है, के बारे में कहा जा रहा है कि वह हचिसन एस्सार में अपनी और हिस्सेदारी बढ़ाकर इसे अपने नियंत्रण में लेना चाहता है. अशोक हिंदुजा ने रॉयटर को बताया, "हमने अपने इरादे हचिंसन को बता दिए हैं और अब हम उनके जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं". समझा जा रहा है कि इस सौदे में हिंदुजा को वोडाफ़ोन और रिलायंस जैसी बड़ी कम्पनियों से कड़ी टक्कर मिल सकती है. वोडाफ़ोन और रिलायंस पहले ही हचिसन को ख़रीदने की इच्छा जता चुके हैं हालांकि उन्होंने अभी तक औपचारिक तौर पर अपना प्रस्ताव नहीं भेजा है. हॉंगकाँग की हचिसन व्हाम्पोआ ने पिछले दिनों जब 67 प्रतिशत शेयर बेचने का ऐलान किया तो इसके बाद औद्योगिक घरानों में हलचल सी मच गई है. विश्लेषकों का अनुमान है कि इस कंपनी का मूल्य 20 अरब डॉलर तक हो सकता है और इस कंपनी को ख़रीदने वाले के लिए यहाँ के तेज़ी से उभरते बाज़ार पर मज़बूत पकड़ हो जाएगी. हिंदुजा घराना आम तौर पर ट्रक निर्माण, बैंकिंग और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र में अपनी पैठ रखता है. इसके पास हचिसन एस्सार के पाँच प्रतिशत शेयर थे लेकिन इसने पिछले साल इसे बेच दिया था. | इससे जुड़ी ख़बरें हचिसन ख़रीदना चाहता है एयरसेल को25 जून, 2004 | कारोबार वोडाफ़ोन और रिलायंस के बीच मुक़ाबला21 दिसंबर, 2006 | कारोबार 'एस्सार और हिस्सा पाने की कोशिश में'28 दिसंबर, 2006 | कारोबार | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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