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'मुस्लिमों के प्रति भेदभाव ख़त्म हो' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि देश के कुछ हिस्सों में मुसलमान आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े हैं और इस प्रकार के असंतुलन और भेदभाव को ख़त्म करना हर लोकतांत्रिक सरकार की ज़िम्मेदारी है. उन्होंने ये बात राजधानी दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय दलित एवं अल्पसंख्यक सम्मेलन में बोलते हुए कही. मनमोहन सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यक, ख़ास तौर पर मुस्लिम समुदाय को देश के विकास से होने वाले लाभ में जायज़ हिस्सा अभी तक नहीं मिल पाया है. प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार इस असंतुलन को दूर करने के लिए कदम उठाएगी. केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान द्वारा आयोजित दलित और अल्पसंख्यक सम्मेलन में दुनिया भर से दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोग शामिल हुए. 'समान अधिकार' प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सम्मेलन में वही बात दोहराई जिसका ज़िक्र वो हाल में पहले भी कर चुके थे और जिसे राजनीतिक हलकों में ध्यान से देखा जा रहा है. प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विकास में सभी अल्पसंख्यकों की समान प्रगति नहीं हो पाई है. सच्चर समिति की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि देश के सामाजिक और आर्थिक विकास का पर्याप्त लाभ मुस्लिम समुदाय को नहीं मिल पाया है. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस बात पर भी ध्यान खींचा कि विकास से ग़रीबी तो कम हो सकती है लेकिन यह भी सुनिश्चित करना होगा कि इससे आर्थिक असमानता ना बढ़े. मनमोहन सिंह ने कहा कि असमानता कम किए जाने के प्रयास लोगों को साफ़ दिखाई देना भी आवश्यक है और भारतीय लोकतंत्र के संचालन में असमानताओं को ख़त्म करने के लिए व्याव्हारिक कदम उठाने होंगे. इस सम्मेलन में दो पूर्व भारतीय प्रधानमंत्रियों वीपी सिंह और इंदर कुमार गुजराल ने भी हिस्सा लिया. अल्पसंख्यकों के मामलों के मंत्री एआर अंतुले और इस सम्मेलन के आयोजक रामविलास पासवान ने भी हाल में मुसलमानो को दलितों के समान आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा था. ऐसे में प्रधानमंत्री के बयानों को देखते हुए कयास लगाए जा रहे हैं कि सरकार कितनी गंभीरता से इन प्रस्तावों को देख रही है और क्या दलितों और अल्पसंख्यकों के विकास की बातें करते समय कांग्रेस पार्टी उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों पर भी नज़र रखे हुए है. | इससे जुड़ी ख़बरें प्रधानमंत्री के बयान पर संसद में हंगामा11 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस उत्तर प्रदेश में आरक्षण संबंधी प्रस्ताव पेश 04 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सच्चर रिपोर्ट संसद में पेश की गई30 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस सरकारी नौकरियों में 'पिछड़े' मुसलमान10 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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