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कुंभ मेले के लिए पानी छोड़ा गया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय अधिकारियों ने तीन जनवरी से लगने वाले अर्धकुंभ मेले के लिए गंगा नदी में विशेष रूप से पानी छोड़ा है. अर्धकुंभ से पहले प्रयाग में पानी की कमी के कारण आशंका व्यक्त की जा रही थी कि स्नान करने में श्रद्धालुओं को दिक़्कत होगी. प्रशासन का अनुमान है कि अर्धकुंभ के मेले में स्नान करने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इलाहाबाद पहुँचेंगे. उत्तर प्रदेश के सिंचाई विभाग के मुख्य इंजीनियर सीबी शर्मा ने बीबीसी से बातचीत में बताया है कि नरोरा बाँध से गंगा नदी में 1000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. अगले दो-तीन दिन में इलाहाबाद में गंगा नदी का जलस्तर इससे बढ़ने की संभावना है. तीन जनवरी को पौष पूर्णिमा के दिन से प्रयाग में अर्धकुंभ मेला शुरू होगा जो शिवरात्रि यानी 16 फ़रवरी तक चलेगा. तेरह दिनों तक चलने वाले अर्धकुंभ तीन बड़े स्नान होंगे जिनमें नागा साधुओं के शाही स्नान भी शामिल हैं. गंगा नदी के प्रदूषण और जलस्तर की कमी को लेकर कई धार्मिक नेताओं में भारी नाराज़गी है. गंगा में प्रदूषण की मुख्य वजह कानपुर में बहाया जाने वाला औद्योगिक कचरा है और गंगा एक्शन प्लान के लागू होने के दो दशक बाद भी इसे नहीं रोका जा सका है. अर्धकुंभ के मेले को देखते हुए अदालत ने सरकार को आदेश दिया था कि वह नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी करे और प्रदूषण को रोके. | इससे जुड़ी ख़बरें नासिक में कुंभ मेला शुरू | भारत और पड़ोस कुंभ का पहला शाही स्नान | भारत और पड़ोस भारत में भगदड़ की घटनाएँ27 अगस्त, 2003 | भारत और पड़ोस कुंभ मेले में भगदड़ कई मरे | भारत और पड़ोस साधुओं के ख़िलाफ़ मुक़दमा | भारत और पड़ोस सदी का पहला अर्ध-कुंभ शुरु26 जनवरी, 2004 | भारत और पड़ोस हरिद्वार में कर्फ़्यू21 अप्रैल, 2004 | भारत और पड़ोस कड़ी सुरक्षा के बीच शबरी कुंभ शुरू 11 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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